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सिफारिशों से परेशान कार्यकारी प्रधान बोले- सिफारिश की बजाए अतिक्रमण हटाएं

शहर में करीब एक माह से लगातार अतिक्रमण हटाने का अभियान चला हुआ है। अभियान के दौरान नगर परिषद की टीम सड़क पर सामान रखने वाले लोगों को सामान उठा कर ले आती है। इसके बाद नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान के पास सामने को छोड़ने की सिफारिशें पहुंचने लगती हैं। इन सिफारिशों से प्रधान परेशान हैं। प्रधान ने कहा कि चाहे कितनी सिफारिशें आएं, शहर की भलाई के लिए अतिक्रमण अभियान जारी रहेगा। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि वे किसी भी सिफारिश को मानेंगे नहीं। इसके बावजूद सिफारिश करने वालों का तांता लगा रहता है। 

गुरुवार को नगर परिषद की टीम ने कार्यकारी सेनेटरी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के नेतृत्व में छात्रावास रोड पर अतिक्रमण हटाने का काम किया। यहां पर बरसों से खड़ी होने वाली फलों करीब 50 रेहड़ियों को हटा दिया। दुकानदारों द्वारा सड़कों पर लगाए बैनर अन्य सामान को भी उठा लिया जाएगा। छात्रावास रोड पर दुकानदार अपने आप ही अपना सामान सड़क से उठाने लगे। टीम ने सड़क पर विभिन्न किस्मों की प्यौद बेचने वालों का भी नहीं बख्शा। उनका भी सामान उठा लिया। बाद में रिक्वेस्ट पर छोड़ दिया गया। कारण था कि प्यौदा कुछ ही समय बाद खराब हो जाती है। ऐसे में वह किसी काम की नहीं रहेगी। इसके साथ ही पार्क रोड से भी बाइक रिपेयर करने वाले दुकानदारों ने भी लोगों ने सड़कों से बाइक रिपेयर का काम सड़क से थोड़ा कम कर दिया है, लेकिन अब तक पूरी तरह से सड़क क्लियर नहीं हो सकी है। 

शहरवासीभी करें सहयोग तो मिले सभी को राहत : नगरपरिषद तो अपना काम कर रही है, लेकिन शहरवासी अब भी इस अभियान को पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं। अगर शहरवासी सहयोग करें तो अतिक्रमण सड़कों से हट सकता है। बाजार में एक दुकान ने थोड़ा सा सामान भी बाहर रखा तो दूसरा दुकानदार उससे आगे सामान रखता है। इसके बाद प्रत्येक दुकानदार इसी प्रकार से आगे से आगे सामान रखते जाता है, जिस कारण मामला बिगड़ जाता है। सामान दुकान की बजाए कई-कई फुट सड़कों पर जाता है। जिससे रास्ता पैदल चलने लायक भी नहीं रहता है। 

^अतिक्रमण हटाने का अभियान किसी भी सिफारिश से रुकेगा नहीं। शहर सभी का है। अकेली नगर परिषद कुछ नहीं कर सकती। सभी को इसमें सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि अब सामान उठाने के साथ-साथ जुर्माना भी किया जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। चाहे कितनी भी सिफारिशें आएं। यह काम तो लोगों को स्वयं करना चाहिए, लेकिन नगर परिषद को अभियान चलाना पड़ा। डाॅ.पवनथरेजा, कार्यकारी प्रधान, नप