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फल की चिंता किए बिना कर्म की प्रेरणा देती है गीता

हिसार : गीता महोत्सव के तीसरे दिन वीरवार को शहर में गीता ग्रंथ की शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें विभिन्न विभागों के साथ-साथ सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं की झांकियों के माध्यम से जीवन में गीता के संदेश की उपयोगिता व सामाजिक संदेशों को दर्शाया गया। हरियाणा राज्य वेयर हाउ¨सग कॉरपोरेशन के चेयरमैन श्रीनिवास गोयल ने शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि समाज में जन-जन तक गीता का संदेश पहुंचाना आज समय की जरूरत है। गीता हमें फल की ¨चता किए बिना कर्म करने का संदेश देती है। जब व्यक्ति गीता के संदेश का मर्म समझ लेता है तब उसे जीवन में किसी से भय नहीं रहता है। इस दौरान सीटीएम शालिनी चेतल, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त जयवीर यादव, जन संपर्क विभाग के उप निदेशक डा. साहिब गोदारा व डीआइपीआरओ पारू लता सहित भाजपा नेता व गणमान्य व्यक्ति भी उनके साथ थे। शोभा यात्रा के लिए गीता ग्रंथ को सम्मान सहित एक सजे-धजे दो अश्व चलित रथ में विराजमान किया गया। इसके पीछे जीओ गीता, कटला रामलीला कमेटी, गुरुकुल आर्यनगर, हरियाणा कुरुक्षेत्र सनातन धर्म हाई स्कूल, महिला एवं बाल विकास विकास, पतंजलि योग समिति व गीता प्रेस गोरखपुर सहित अनेक विभागों व संस्थाओं की झांकियां चल रही थी। इस दौरान महिला बाल विकास विभाग की झांकी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का प्रभावशाली संदेश दिया गया। पुराना राजकीय महाविद्यालय मैदान से शुरू हुई गीता शोभा यात्रा परिजात चौक, ग्रोवर मार्केट, गुरुद्वारा रोड व नागोरी गेट होते हुए परिजात चौक, रेलवे रोड, इलाइट सिनेमा होते हुए वापस समारोह स्थल पर पुराना महाविद्यालय मैदान पहुंची। यात्रा के दौरान सिख सभा ने शौर्यपूर्ण ढंग से गतका का प्रदर्शन किया। इससे पूर्व मुख्यातिथि चेयरमैन श्रीनिवास गोयल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान बाबूलाल अग्रवाल, दीनदयाल गोरखपुरिया, सुरेश गोयल धूपवाला, चेयरमैन महाबीर प्रसाद जांगड़ा, संदीप गोयल, नरेश ¨सघल, महिला बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी डा. पूनम रमन, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. डीएस ¨सधु, डा. सोमप्रकाश, सतीश मेहता, डीएन बेनीवाल, डा. मोहन तनेजा, अमर ¨सह यादव, मुकेश शर्मा, वीरेंद्र बडाला, नीरज गुप्ता, परीक्षित आर्य, विकास भारद्वाज, राजेंद्र कुमार, दीपक शर्मा, कृष्ण कुमार, राजेश, रवि, अजीत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी व गणमान्य शहरवासी मौजूद थे।