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सीजेएम ने ईंट भट्ठों पर मारा छापा, बच्चों से पथवाई जा रही थी ईंट

 समालखा: बाल मजदूरी कराना दंडनीय अपराध है। प्रशासन की नाक के नीचे कस्बे के ईंट भट्ठों पर सरेआम बच्चों से काम कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार को गांव आट्टा स्थित ईंट भट्ठों पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम मोहित अग्रवाल ने छापा मारा। यहां नाबालिग बच्चों से ईंट पथाई जा रही थी। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध कर सीडब्लूसी की सदस्य सरोज के साथ दु‌र्व्यवहार भी किया। जब सीजेएम ने पुलिस बुलाई तो विरोध करने वाले भाग गए। छापेमारी के दौरान ईंट पथाई को लेकर आए मजदूरों ने तय मुताबिक व समय पर पैसे न देने का दुखड़ा भी रोया। वहीं मामले में सीजेएम के आदेश पर पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में भी ले लिया।

बाल श्रम की शिकायत के आधार पर सीजेएम मोहित अग्रवाल बृहस्पतिवार को दोपहर के समय बाल सुरक्षा अधिकारी निधि गुप्ता, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के मेम्बर सुल्तान खर्ब, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी सदस्य सरोज आट्टा व सतपाल सिंह के साथ आट्टा स्थित ओम भट्ठा पर पहुंचे और ईंट पथाई कर रहे बच्चों से बातचीत करने लगे। तभी पता लगने पर पहुंचे दो लोग विरोध करते हुए सीडब्लूसी मेम्बर सरोज के साथ तू तू मैं मैं करने लगे। मामले को बढ़ता देख सीजेएम ने थाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सीजेएम टीम के साथ शिव भट्ठा पर पहुंचे। वहां भी उनको कई बच्चे ईंट पथाई का काम करते मिले।उन्होंने अभिभावकों को बच्चों से इस उम्र में काम की बजाय पढ़ाई कराने की नसीहत दी। फिर वो गणेश भट्ठा कंपनी पर पहुंचे। उक्त भट्ठे पर भी अनेक नाबालिग लड़के व लड़कियां ईंट पथाई का काम करते मिले। इन्होंने सीजेएम को बताया कि दिन भर में परिवार के साथ मिलकर ईंट की पथाई करते हैं। कानून को ठेंगा दिखाने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए तो पुलिस ने तीनों भट्ठा से तीन लोगों को मौके से ही हिरासत में ले लिया। दूसरी ओर छापेमारी से घबराए ठेकेदार व भट्ठा संचालक मजदूरों के बच्चों को इधर उधर भगाने से लेकर उनको बच्चों से काम न कराने की बात न बोलने का दबाव बनाते भी दिखे।

 ईंट भट्ठा पर छापेमारी के दौरान बच्चियों को काम करता देख सीजेएम ने कहा कि पता नहीं इंडिया कहां जा रहा है। कौन सी बेटी बचाओ, कौन सी बेटी पढ़ाओ। यहां न तो बेटी पढ़ रही है और न ही बेटी बच रही है। बेटी पढ़ेगी भी कैसे, यहां छोटी छोटी बेटियों से ईंट पथाई कराई जा रही है। ऐसे में कौन पढ़ाएगा और कौन बचाएगा। हमारा कर्तव्य बनता है कि बाल श्रम को रोकने की कोशिश करें। सीजेएम ने कहा कि बच्चे व बच्चियों को पढ़ाने की उम्र में ईंट पथाई कराकर बाल श्रम कराया जा रहा है, जो दंडनीय अपराध है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बातों ही बातों में प्रशासन की नीयत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो काम उनको करना चाहिए, वो हम ं करना पड़ रहा है।