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7वें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन के लिए शिक्षकों ने दिया धरना

सरकारने विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग की घोषणा दो नवंबर को की थी। विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के शिक्षक इन वेतन आयोग की खामियों से खासे नाराज हैं। इससे पूरे देश के लगभग 8 लाख शिक्षकों ने गुरुवार को दोपहर साढ़े बारह से डेढ़ बजे तक का धरना दिया। उन्होंने वेतन विसंगतियों को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय को हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रत्येक महाविद्यालय के शिक्षक संघ ईकाई द्वारा प्रेषित किया गया। 

उन्होंने सरकार से सातवां वेतन आयोग को लागू करने का अनुरोध करते हुए वेतन आयोग द्वारा की गई घोषणाओं की विसंगतियों को दूर करने की मांग की। देशभर में उच्च शिक्षा बचाओ दिवस के रूप में एक घंटे का सांकेतिक धरना दिया। इस अवसर पर एचसीटीए के प्रधान एवं एच फुक्टों के महासचिव डॉ. नरेन्द्र चाहर एवं जोनल प्रधान डॉ. राजेन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से वेतन विसंगतियों को दूर करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. जोगेंद्र खरक, संजय गोयल, कृष्ण कुमार, वंदना वत्स, सुधा चौहान, सतीश कुमार, अनिल तंवर, सुरेन्द्र दलाल, सरिता गोयल, मधु रानी, पवन गुप्ता, मंगत राम, मनीष कुमार, रितु एवं रीना आदि उपस्थित थे। 

लोहारू में भी शिक्षकों ने जताया विरोध 

लोहारू| मानवसंसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा घोषित सातवें वेतन आयोग की अनियमितताओं के विरोध में गुरुवार को हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन की लोहारू इकाई द्वारा महाविद्यालय परिसर में दोपहर को एक घंटे तक धरना देकर रोष व्यक्त किया। इस दौरान एसोसिएशन की लोहारू इकाई का गठन भी किया इसमें डाॅ. सुखवीर सिंह एसोसिएट प्रोफेसर को अध्यक्ष, डाॅ. अजय वशिष्ठ को उपाध्यक्ष, डाॅ. प्रमोद कुमार को महासचिव, डाॅ. प्रवीण कुमार को संयुक्त सचिव तथा डाॅ. बजरंग लाल को कोषाध्यक्ष चुना गया है। इस दौरान एसोसिएशन के नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. सुखवीर सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने उनकी