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सीलबंद दुकानों में धड़ल्ले से चल रहा मीट का कारोबार

अंबाला शहर : नगर निगम अंबाला ट्विन सिटी में न अपनी ही जमीन पर कब्जों को हटा पा रहा है और न ही नियमों को ताक पर रखकर कारोबार चलाने वाले कारोबारियों व दुकानदारों पर शिकंजा कस पा रहा है। करीब तीन माह पूर्व सरकार के आदेश की अनुपालना करते हुए नगर निगम के आलाधिकारियों ने अंबाला शहर और छावनी में चल रही कुछ मीट शॉप को बंद कराया था। मजबूरी वश सरकार के दबाव में अधिकारियों ने इन दुकानों को सील कर कागजी कार्रवाई तो पूरी कर दी लेकिन उसके बाद जमीनी हकीकत देखना लाजमी नहीं समझा। न ही कर्मचारियों ने मौके का मुआयना कर यह देखना जरूरी समझा कि क्या वास्तव में वह दुकानें अभी भी सील हैं या नहीं? यदि सील हैं तो कहीं उनके बाहर ही मीट शॉप तो नहीं चलाई गई? अधिकारियों और निगम कर्मचारियों की इसी लापरवाही का फायदा मीट शॉप संचालकों ने उठाया कुछ ने सील खुद ही तोड़ दी तो कुछ ने सील लगी दुकानों के बरामदे में ही फिर से मीट का धंधा शुरू कर दिया।

खुले में नहीं कट सकता मीट

नियमानुसार मीट को किसी भी हाल में खुले में नहीं काटा जा सकता। न ही खुले में मीट को बेचा जा सकता। इतना ही नहीं, मीट काटने के लिए पहले पशु की स्वास्थ्य जांच होनी अनिवार्य है। साथ ही स्लाटर हाउस भी होना चाहिए लेकिन स्लाटर हाउस तो दूर की बात अंबाला में खुले में ही मीट काटा और बेचा जाता है। साथ ही किसी पशु के स्वास्थ्य की जांच करने की नगर निगम ने आज तक कोई व्यवस्था नहीं की। हालत यह है कि गंदा मीट सरेआम खुले में बेचकर लोगों की जान से खेला जा रहा है।

इस मामले में कार्रवाई नगर निगम अधिकारियों की ओर से ही की जानी होती है। नगर निगम के साथ पशुपालन विभाग का भी जिम्मा बनता है। उसके बाद नगर निगम स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए लिख सकता है।