News Description
3213 हेक्टेयर धान की फसल खराब, 1.5 लाख क्विंटल उत्पादन प्रभावित

सोनीपत: जिले में अबकी बार 1732 किसानों पर प्राकृतिक आपदा की मार पड़ी है और करीब 3213 हेक्टेयर में खड़ी धान की फसल खराब हो गई है। इससे जिला में धान का कुल उत्पादन करीब डेढ़ लाख क्विंटल तक प्रभावित हुआ है।

कृषि विभाग के अनुसार जिला में कुल उत्पादन और पैदावार का पूरा डाटा आने में समय लगेगा, लेकिन अब तक की हुई क्रॉप क¨टग रिपोर्ट के अनुसार जिला में एक हेक्टेयर में धान की पैदावार औसतन 50 क्विंटल आ रही है। यदि प्रकृति की मार नहीं पड़ती तो जिला व प्रदेश के अन्न भंडार में लगभग डेढ़ लाख क्विंटल का इजाफा होता।

 

जिला कृषि विभाग ने खरीफ सीजन के दौरान प्रकृति की मार से खराब हुई फसलों का सर्वे करवाकर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है, ताकि पीड़ित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाया जा सके। खराब हुई फसलों का सर्वे बीमा कंपनी से ही कराया गया है।

खरीफ सीजन के दौरान इस बार 24275 किसानों ने अपनी धान की फसल का बीमा कराया। इनमें मात्र 55 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने कहीं से कोई कृषि ऋण नहीं लिया है। योजना के अनुसार जिन किसानों ने बैंक से ऋण लिया है या क्रेडिट कार्ड बनवाया हुआ है, उनकी फसलों का बीमा खुद ही हो जाता है और उनके अकाउंट से प्रीमियम की राशि कट जाती है।

खरीफ सीजन के दौरान बारिश से जिले के 1732 किसानों ने अपनी फसलों में नुकसान बताते हुए कृषि विभाग को आवेदन दिया था। इस पर कृषि अधिकारियों ने बीमा कंपनी से फसलों का सर्वे करवाया गया, जिसमें किसानों की फसलों में नुकसान पाया गया।