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खुद करने चले इंसाफ, अब कानून के शिकंजे में फंसे

पलवल:मध्य प्रदेश के जिला दमोह निवासी व्यापारी लक्ष्मी प्रसाद, राघवेंद्र पटेल, राजेंद्र ठाकुर, अतुल व कमलेश आए तो पूर्व में ठगे गए पाच लाख रुपये की बरामदगी करने थे, लेकिन इंसाफ पाने का गलत रास्ता चुन लिया। पाचों लोगों ने उन्हें ठग कर टटलू काटने आए युवक का अपहरण कर लिया। जब पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई तो पाचों पुलिस के हत्थे चढ़ गए व खुद भी कानून के शिकंजे में फंस गए। अब पाचों आरोपी जेल की सीखंचों के पीछे पहुंच गए हैं।

पुलिस हिरासत में आरोपी राजेंद्र ने बताया कि करीब एक माह पूर्व उनके गाव के कमलेश व राघवेंद्र को सोने की ईंट देने का झासा देकर नूंह जिले में बुलाया गया था। उन्हें पाच लाख रुपये में सोने की ईंट देने की बात कही गई थी। कमलेश व राधवेंद्र जब टटलूबाजों के बताए पते पर पहुंचे तो तीन लोगों ने उनसे पाच लाख रुपये लूट लिए तथा उन्हें मारपीट कर भगा दिया। उक्त मामला नूंह जिले की पुलिस ने दर्ज भी किया हुआ है।

अब चार दिन पूर्व राजेंद्र को मोबाइल फोन पर सोने की ईंट बेचने की बात कही गई। क्योंकि राजेंद्र को कमलेश व राघवेंद्र पहले से ही उनके साथ घटी घटना के बारे में बता चुके थे। जिस पर राजेंद्र, राघवेंद्र व कमलेश ने अपने साथियों अतुल व लक्ष्मीप्रसाद के साथ योजना बनाकर पलवल आना तय कर लिया। सोमवार की देर शाम को जब वे पलवल पहुंचे तो उन्हें सरकारी अस्पताल के समीप बुलाया गया।

अपहरण के आरोपियों के अनुसार अस्पताल के चौक के समीप मोटरसाइकिल पर तीन युवक आए तथा उन्हें ईंट दिखाई। पुराने मामले को लेकर उनकी कहासुनी शुरू हो गई, इसी बीच दो युवक तो उनसे 50 हजार रुपये लूटकर मोटरसाइकिल पर फरार हो गए, लेकिन जमशेद को उन्होंने काबू कर ईंट सहित अपनी बोलेरो कार में डाल लिया तथा उसे छोड़ने की एवज में सात लाख रुपये की माग की। जमशेद के पिता याकूब ने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी, तथा पाचों व्यापारियों पर पुलिस का शिकंजा कस गया