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गीता ज्ञान संग हरियाणा राजस्थान की संस्कृति की बिखेरी महक

जिलास्तरीयगीता महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को जहांआरा बाग स्टेडियम परिसर गीतापुरम में हरियाणवी संस्कृति की छठा बिखरी। विभिन्न राजकीय स्कूलों की छात्राओं ने हरियाणवी परिधान पहनकर रागनी की तान छेड़ी। इससे समूचा माहौल संगीतमय नजर आया। हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान से आए कलाकारों ने भी अपनी रंगारंग प्रस्तुति दी। 

इससे पहले कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया महोत्सव के दूसरे दिन का शुभारंभ किया। गीता महोत्सव के दूसरे दिन ढोल की थाप, लंबू, नगाड़ा वादकों बीन वादकों ने अपनी स्वर लहरी धुनों के साथ महोत्सव को रंगारंग कर दिया। हास्य कलाकार राज कुमार धनखड़ ने महोत्सव में उपस्थित जनसमूह को अपने अंदाज से खूब गुदगुदाया। दिन भर चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल, डीएच लारेंस स्कूल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भदानी, एमआर स्कूल हसनपुर, संस्कारम पब्लिक स्कूल खातीवास के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वेद-दमन की जोड़ी ने भी स्वर लहरी बिखेरते हुए समारोह में रंग जमाया। कार्यक्रम में श्रीमद्भागवद गीता विषय पर आयोजित सेमिनार में गुरुकुल झज्जर से आचार्य शतक्रतु ,इस्कॉन बहादुरगढ़ से स्वामी नित्यानंद आश्रयदास , ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से बहन संतोष देवी, शिक्षा विभाग से अरविंद गार्गी ने भी सेमिनार में अपने विचार रखे। 

इस अवसर पर डीसी सोनल गोयल,अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान, जिप चेयरमैन परमजीत सौलधा, वाइस चेयरमैन योगेश सिलानी, नप चेयरमैन कविता नंदवानी, भाजपा महिला विंग की जिलाध्यक्ष सुनीता धनखड़, आनंद सागर, नगराधीश अश्वनी कुमार, जिप सीईओ शिखा, डीआईपीआरओ नीरज कुमार, डीईओ सतबीर सिवाच, डीडी एएच डॉ मनीष डबास उपस्थित रहे। 

गीतामहोत्सव के दूसरे दिन के मुख्य अतिथि कृषि पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि गीता महोत्सव किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के लिए एक उत्सव है जिसे पूरे प्रदेश में भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता व्यक्तित्व विकास का ग्रंथ है। ज्ञान और परंपरा को साथ लेकर चलने के बारे में गीता के 18 अध्यायों में विस्तार से बताया गया है जो कि मनुष्य जीवन के विकासात्मक बदलाव में बेहतर कदम है।