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प्रशासन सभी मुख्य समस्याओं का हल करे नहीं तो होगा आंदोलन: रामकुमार गुर्जर

कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को जल्द दूर करें नहीं तो कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। जिसके लिए कुंटिया हर समय तैयार है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की सभी मुख्य समस्याओं को लेकर ढिलमुल रवैया अपना रहा है, जिसे हरगिज सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्य समस्याओं में सातवें वेतन आयोग, स्टाफ रेशो, एरियर का भुगतान, विश्वविद्यालय कर्मचारियों को एलटीसी देना एवं कर्मचारियों के बच्चों का शिक्षा-भत्ता शामिल है। वे बुधवार को कुवि परिसर में आयेजित कर्मचारी संघ की आमसभा को संबोधित कर रहे थे। आमसभा में कर्मचारियों ने फैसला कर विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिसंबर तक का समय दिया है।कुंटिया के महासचिव नीलकंठ शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों, सहायक कुलसचिव एवम उप-कुलसचिव की पदोन्नतियों को रोका है।

जिससे सभी अधिकारियों में व्यापक रोष है। इससे दूसरे अधिकारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने ये फैसला लिया था कि सेवानिवृत्त अधिकारियों को सुपरवाइजर्स की पोस्टों पर नहीं लगाया जाएगा, लेकिन इन आदेशों के बावजूद ये सेवानिवृत अधिकारी सुपरवाइजरी पदों पर काम कर रहे हैं और कुछ अधिकारियों को प्रशासन दोबारा लगाने की तैयारी में है। जिसका कुंटिया पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी 15 दिसंबर तक कर्मचारियों की उपरोक्त सभी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करे नहीं तो कुंटिया अपनी आगामी आम सभा की बैठक में संघर्ष का बिगुल बजाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन कुंटिया की ज्यादा परीक्षा न ले और कर्मचारियों की इन समस्याओं का तुंरत हल करे, ताकि विश्वविद्यालय में शांति का माहौल बना रहे।