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हंसराज हंस का प्रोग्राम रद्द होने पर आनन-फानन बुलाए मनोज तिवारी को

अंतरराष्ट्रीयगीतामहोत्सव की तैयारियां कई महीनों से चल रही थी। करोड़ों रुपए खर्च किया गया, लेकिन तो समय रहते तैयारियां ही सिरे चढ़ी। ही दावों के अनुरूप उत्सव मन रहा। इस बार सुबह शाम के मुख्य सांस्कृतिक आयोजनों में मुख्य अतिथि तक ऐन मौकों पर फाइनल करने पड़े। विधायक को भी फोन कर उन्हें निमंत्रण देना पड़ा। केडीबी, प्रशासन एनजेडसी सी के बीच तालमेल भी कमी साफ नजर रही है। इसके चलते स्थिति कई बार हास्यप्रद बनी। 

मुख्य सांस्कृतिक आयोजनों में उत्सव शुरू होने तक अतिथि ही तय नहीं हुए थे। जिस पर 26 नवंबर को खुद विधायक ने विभिन्न मंत्रियों को सायंकालीन आयोजनों में बतौर मुख्य अतिथि बुलाने के लिए फोन करना पड़ा। विधायक ने माना भी कि उन्होंने सांस्कृतिक आयोजनों में मंत्रियों को न्योता भेजा। 

बदलाप्रोग्राम-नहीं पहुंचे हंसराज :28 नवंबर को प्रसिद्ध सूफी गायक हंसराज हंस लाइव परफोरमेंश देने पहुंचने वाले थे। बाकायदा निमंत्रण कार्ड पर उनका कार्यक्रम शाम साढ़े बजे मुख्य पंडाल में दर्शाया गया, लेकिन हंसराज हंस नहीं पहुंचे। बताया जाता है कि उनका प्रोग्राम पहले ही रद्द हो गया था। ऐसे में आनन-फानन में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी को बुलाना पड़ा। 

एकदिन पहले ही पहुंचे अधिकारी : ऐसेही गीता उपदेश स्थली में भी चार दिन कार्यक्रम करने के दावे हुए थे। सोमवार से यहां कार्यक्रम शुरू होने थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जबकि कार्यक्रम को लेकर प्रचार भी किया। दिलचस्प बात यह रही कि बतौर अतिथि कई स्थानीय अधिकारी भी दो बजे से पहले वहां पहुंचे थे, लेकिन कलाकार नहीं आए। ऐसे में कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। एनजेडसी सी केडीबी के बीच तालमेल की कमी के चलते ऐसा हुआ। एनजेडसी सी के कलाकारा पुरुषोत्तमपुरा में पहुंचे हुए थे। यहां काफी देर अधिकारियों का इंतजार किया। आने पर बिना उद्घाटन कलाकारों ने प्रस्तुति दी। 

कुरुक्षेत्र | गीता महोत्सव में चौथे दिन मुख्य पंडाल में सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध अभिनेता भाजपा सांसद मनोज तिवारी प्रस्तुति देने पहुंचे। भोजपुरी और हिंदी में भजनों और गीतों से मनोज तिवारी ने खूब समा बांधा। हालांकि मंगलवार को पहले हंसराज हंस का कार्यक्रम होना था, लेकिन उनका प्रोग्राम रद्द हो गया। जिस पर आनन फानन में मनोज तिवारी को बुलाया गया। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ सहकारिअंतरराष्ट्रीयगीतामहोत्सव की तैयारियां कई महीनों से चल रही थी। करोड़ों रुपए खर्च किया गया, लेकिन तो समय रहते तैयारियां ही सिरे चढ़ी। ही दावों के अनुरूप उत्सव मन रहा। इस बार सुबह शाम के मुख्य सांस्कृतिक आयोजनों में मुख्य अतिथि तक ऐन मौकों पर फाइनल करने पड़े। विधायक को भी फोन कर उन्हें निमंत्रण देना पड़ा। केडीबी, प्रशासन एनजेडसी सी के बीच तालमेल भी कमी साफ नजर रही है। इसके चलते स्थिति कई बार हास्यप्रद बनी। 


मुख्य सांस्कृतिक आयोजनों में उत्सव शुरू होने तक अतिथि ही तय नहीं हुए थे। जिस पर 26 नवंबर को खुद विधायक ने विभिन्न मंत्रियों को सायंकालीन आयोजनों में बतौर मुख्य अतिथि बुलाने के लिए फोन करना पड़ा। विधायक ने माना भी कि उन्होंने सांस्कृतिक आयोजनों में मंत्रियों को न्योता भेजा। 

बदलाप्रोग्राम-नहीं पहुंचे हंसराज :28 नवंबर को प्रसिद्ध सूफी गायक हंसराज हंस लाइव परफोरमेंश देने पहुंचने वाले थे। बाकायदा निमंत्रण कार्ड पर उनका कार्यक्रम शाम साढ़े बजे मुख्य पंडाल में दर्शाया गया, लेकिन हंसराज हंस नहीं पहुंचे। बताया जाता है कि उनका प्रोग्राम पहले ही रद्द हो गया था। ऐसे में आनन-फानन में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी को बुलाना पड़ा। 

एकदिन पहले ही पहुंचे अधिकारी : ऐसेही गीता उपदेश स्थली में भी चार दिन कार्यक्रम करने के दावे हुए थे। सोमवार से यहां कार्यक्रम शुरू होने थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जबकि कार्यक्रम को लेकर प्रचार भी किया। दिलचस्प बात यह रही कि बतौर अतिथि कई स्थानीय अधिकारी भी दो बजे से पहले वहां पहुंचे थे, लेकिन कलाकार नहीं आए। ऐसे में कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। एनजेडसी सी केडीबी के बीच तालमेल की कमी के चलते ऐसा हुआ। एनजेडसी सी के कलाकारा पुरुषोत्तमपुरा में पहुंचे हुए थे। यहां काफी देर अधिकारियों का इंतजार किया। आने पर बिना उद्घाटन कलाकारों ने प्रस्तुति दी।