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चौटाला के पैतृक गांव में पेड़नुमा पुल क्रॉस करके पाठशाला पहुंचते हैं बच्चे

डबवाली : पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के पैतृक गांव में बसी ढाणी सिक्खांवाली के बच्चों को पाठशाला में पहुंचने के लिए माइनर को पार करना पड़ता है। जो पहली, दूसरी के बच्चों के लिए नहर पार करने जैसा है। बच्चे माइनर के ऊपर गिरे पेड़ को पुल के तौर पर प्रयोग करते आ रहे हैं।

अगर पेड़ से पांव स्लिप कर गया तो बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि पाठशाला पहुंचने के लिए सीधा मार्ग है। सरकार की उदासीनता के कारण रोड की हालत बेहद खस्ता है। रोड की दशा देखकर वाया तेजाखेड़ा होकर संगरिया जाने वाली बस इस ढाणी में प्रवेश नहीं करती। यह ढाणी तेजाखेड़ा फार्म हाऊस के पीछे चौटाला-तेजाखेड़ा रोड पर बनी हुई है। जिसमें करीब 50 से ज्यादा घर हैं। अकेली ढाणी में 515 वोटर हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला है।

ढाणी वासी मदन लाल, बलदेव  ने बताया कि चौटाला शासन में तेजाखेड़ा रोड से ढाणी तक लीक रोड का प्रपोजल बना था। हुड्डा शासन में वर्ष 2009-10 में मार्के¨टग बोर्ड ने रोड बनाई थी। मगर अब करीब सात साल से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।

आज तक किसी ने लीक रोड की दशा के बारे में शिकायत नहीं की। अगर ऐसी स्थिति है तो रोड के बारे में पता करवाया जाएगा। उसके बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।