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प्रद्युम्न हत्याकांड: तलवार दंपती के वकील रहे तनवीर करेंगे आरोपी छात्र की पैरवी

देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री यानी नोएडा के आरुषि हत्याकांड में जिस अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने तलवार दंपती (आरुषि के माता-पिता) को रिहा करवाया, वही अब गुरुग्राम के प्रद्युम्न मर्डर केस में आरोपी 11वीं क्लास के छात्र की पैरवी करेंगे। कई दिनों आरोपी छात्र के पिता की ओर से प्रयास किए जा रहे थे कि अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर केस को अपने हाथ में ले लें। मंगलवार को उन्हें सफलता भी मिल गई। मीर ने केस की पैरवी करने के लिए हामी भर दी है। इस बात की पुष्टि दैनिक जागरण से बातचीत में मीर ने की है।

उन्होंने कहा जहां भी पैरवी की जरूरत होगी वहां पर की जाएगी। बता दें कि आरोपी छात्र के पिता भी वकील हैं और उन्होंने अपने किसी दोस्त के जरिए तनवीर से इस केस की पैरवी करने की गुजारिश की थी। यह भी संभव है कि मीर या उनकी टीम के सदस्य बुधवार को डिस्ट्रिक जुवेनाइल बोर्ड में आरोपी छात्र का बचाव करते नजर आएं। बहस इस बात की होनी है कि आरोपी पर वयस्क की तरह मामला चलाया जाए या नाबालिग मान जुवेनाइल बोर्ड के सामने ही केस ट्रायल हो। आरोपी पक्ष यह चाह रहा है कि मामला जुवेनाइल बोर्ड में ही चले जबकि प्रद्युम्न के पिता ने अर्जी लगाई है कि रेयान इंटरनेशन स्कूल भोंडसी के 11 वीं कक्षा के छात्र ने उनके बेटे तथा स्कूल के ही दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की प्लान बनाकर हत्या की है। यह सीबीआइ भी दावा कर चुकी है। ऐसे में बुधवार का दिन इस केस के लिए बड़े ही महत्व वाला साबित होगा।

बता दें कि प्रद्युम्न मर्डर केस की जांच कर रही सीबीआइ ने जैसे ही हरियाणा पुलिस की जांच को पलट पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए स्कूल बस हेल्पर को आरोपी नहीं बता, रेयान स्कूल के ही छात्र को गिरफ्तार किया तभी से केस की तुलना आरुषि हत्याकांड से की जा रही है। दोनों ही मामलों की जांच पहले प्रदेश पुलिस ने की थी। फिर सीबीआइ को सौंप दिया गया। आरुषि हत्याकांड में आज तक यह पता नहीं चल सका है कि मर्डर किसने किया। हालांकि प्रद्युम्न मर्डर केस में सीबीआइ अपना केस मजबूत होने का दावा कर रही है, लेकिन हैरानी नहीं होगी अगर कोर्ट की कार्यवाही में कानूनी दांव पेच के बीच केस में कोई नया मोड आ जाए।

आरोपी छात्र के पिता ने अपने बेटे के लिए टॉप वकील हायर किया है, तो दूसरी ओर प्रद्युम्न के माता-पिता भी पैरवी जोरदार तरीके से कर रहे हैं। यह प्रयास कर रहे हैं कि इस मामले से जुड़ा कोई भी आरोपी बच नहीं पाए।