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रिश्तेदार नहीं पालेंगे मासूमों को, समिति करेगी परवरिश

रेवाड़ी:चाचा के हाथों द¨रदगी का शिकार हुई मासूम व उसके भाई बहनों को कोई भी रिश्तेदार पालने के लिए तैयार नहीं है। चार मासूम बच्चों को भरे पूरे परिवार ने भगवान के भरोसे पर छोड़ दिया। फिलहाल बाल कल्याण समिति ही बच्चों की देखरेख कर रही है। समिति के सदस्यों की मानें तो भविष्य में सरकार से ही एक उम्मीद बची है।

जिला के एक गांव की रहने वाली नाबालिग बच्ची ने 18 नवंबर को अपने सगे चाचा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बच्ची ने बताया था कि आरोपी चाचा पांच साल से द¨रदगी कर रह रहा था। आरोपी ने उसे शराब भी पिलाई थी। बच्ची की शिकायत उसकी प्रिंसिपल के माध्यम से पुलिस तक पहुंची तो पुलिस ने आरोपी चाचा को हिरासत में लिया था, जहां हिरासत में ही आरोपी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। नाबालिग बच्ची के माता-पिता की कई साल पूर्व मृत्यु हो चुकी है तथा उसके तीन छोटे भाई-बहन भी हैं। बच्ची तो पुलिस के पास मामला पहुंचने के बाद से ही बाल संरक्षण समिति के पास है। अब तक छोटे भाई-बहन रिश्तेदारों के पास थे लेकिन अब रिश्तेदारों ने भी बच्चों को पालने से इनकार कर दिया है। रिश्तेदारों ने बाल संरक्षण समिति को लिखकर दे दिया है कि वे इन चारों बच्चों को पाल नहीं सकते।

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन नलिनी यादव का कहना है कि बच्ची शुरूआत में कह रही थी कि गांव में उसके पिता के नाम पर एक प्लॉट है। उन्होंने इस बात की जानकारी जुटाई तो सामने आया कि उसके पिता के नाम पर कोई भी प्लॉट नहीं है। उन्होंने बताया कि बच्ची के लिए अब सरकारी स्तर पर ही मदद जुटाई जाएगी।