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नेता, अधिकारियों के जाते ही स्टालों पर पसरा सन्नाटा

पलवल : नेताजी गए, नौकरशाह गए तो स्टालों पर भी वीरानी छा गई। स्टाल पर बाद में झांकने के लिए भी कोई नहीं आ रहा था। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी या तो वे पंडाल छोड़कर इधर-उधर चले गए या वहीं बैठे ऊंघते रहे। अवसर था महात्मा गांधी सामुदायिक केंद्र में मन रहे गीता जयंती महोत्सव के पहले दिन का।

शोभा यात्रा का शुभारंभ पृथला के बसपा विधायक टेकचंद शर्मा ने किया था। उनके साथ मंच पर प्रशासनिक अधिकारी तथा भाजपा के नेता भी थे। उद्घाटन समारोह समाप्त होते ही विधायक, प्रशासनिक अधिकारी, नेता वहां से चले गए। उसके बाद वहां लगी प्रदर्शनी तथा स्टालों पर सन्नाटा पसर गया।

कार्यक्रम के तहत पंचायत भवन के पिछले हिस्से में करीब एक दर्जन स्टाल लगाए गए हैं। गीता-जिओ गीता स्टाल पर मौजूद उदय प्रकाश वालिया ने बताया कि पुस्तकों की बिक्री काफी कम है। सरस्वती नदी पर लगाए जाने वाला स्टाल नजर नही आया। महिला एवं बाल विकास विभाग का बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर आधारित स्टाल सूना पड़ा था। वहां एक भी कर्मचारी मौजूद नही था। मेरा गांव जगमग गांव वाले बिजली विभाग के स्टाल पर एलइडी की बिक्री हो रही थी। जिला सूचना एवं तकनीकी अधिकारी की डिजीटल क्रांति स्टाल पर तेज आवाज में गीत बज रहे थे, परंतु कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नही था। कौशल विकास स्टाल पर अवश्य अधिकारी नजर आए। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, जिला खेल विभाग के स्टाल नजर नही आए।

ब्रह्मकुमारी संस्था के स्टाल पर आध्यात्मिक जानकारी दी जा रही थी। दीनदयाल ग्राम के स्टाल पर रौनक नजर आई। जिला उद्योग केंद्र व कृषि विभाग के स्टालों पर भी सन्नाटा था। किसी भी सामाजिक संस्था ने गीता महोत्सव में अपना स्टाल लगाना उचित नही समझा। गीता जयंती के तहत 29 नवंबर को पंचायत भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विद्वान श्रीमद भागवत गीता पर अपने विचार प्रकट करेंगे।