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बत्ती गुल, दो घंटे अंधरे में चली बीकॉम प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा

अंबाला शहर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की बीकॉम प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा अंधेरे में हुई। करीब दो घंटे तक विद्यार्थी अंधेरे में ही अंदाजे से उत्तर पुस्तिका पर लिखते रहे। कुछ को जब दिखना ही पूरी तरह से बंद हो गया तो उन्हें खिड़कियों के पास बिठा दिया गया। इस तरह ऐसे विद्यार्थियों को मजबूरी में ठंड का सामना करना पड़ा। लेकिन बिजली गुल होने और वैकल्पिक व्यवस्था कॉलेज द्वारा नहीं कराए जाने के कारण कॉलेज प्रबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो गए। परीक्षा कंडेक्ट कराने के लिए आवश्यक शर्तें पूरी नहीं करने के मामले का भी भंडाफोड़ हो गया है।

दरअसल, मंगलवार को दोपहर बाद के सत्र में दोपहर दो बजे से 5 बजे तक बीकॉम प्रथम वर्ष की इकोनॉमिक्स व बिजनेस कम्यूनिकेशन सिकल्स की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू परीक्षा शुरू होते ही दोपहर करीब दो बजे बत्ती गुल हो गई। विद्यार्थियों ने बिजली व्यवस्था कराने की बात कही लेकिन कॉलेज कोई व्यवस्था नहीं करा पाया। इस तरह करीब चार बजे तक विद्यार्थियों ने अंधेरे में ही परीक्षा दी। कुछ ने अंदाजे से लिख दिया लेकिन ज्यादातर के हाथ ही नहीं चल पाए। बता दें कि परीक्षा को कराने के लिए जनरेटर, इनवर्टर और फोटोस्टेट मशीन होनी अनिवार्य है। इनके बिना परीक्षा नहीं कराई जा सकती। जब कॉलेज के पास बिजली जाने पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी तो कुवि ने किस आधार पर इसको परीक्षा केंद्र बनाया?

पहले ही विभाग को सूचना दे चुका था कॉलेज

बिजली जाने पर कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं, कॉलेज में पड़ा जनरेटर खराब है। उसकी रिपेयर कराई जानी है। इसके लिए बजट की आवश्यकता है। यह सब कालेज प्रबंधन पूर्व में ही हायर एजुकेशन को लिख चुका था। बावजूद इसके आज तक कॉलेज के पास इस जनरेटर को रिपेयर कराने की अनुमति नहीं आई। यही कारण रहा कि विद्यार्थियों अंधेरे में परीक्षा देनी पड़ी।

लापरवाही का कौन जिम्मेदार

कॉलेज की गलती का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। क्योंकि दो घंटे विद्यार्थियों की परीक्षा बिजली जाने के कारण बाधित रही। इसके अलावा परीक्षार्थियों को कोई अतिरिक्त समय भी नहीं दिया गया। ऐसे में यदि परीक्षा परिणाम खराब आता है तो इसका कौन जिम्मेदार होगा? इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है।