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1 किलो का जम्बो अमरूद देख दंग रह गए पर्यटक

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्स्व में पहली बार जींद के गांव संगतपुरा 1 किलो 700 ग्राम का जम्बो अमरूद देखकर पर्यटक दंग रह गए, इतना ही नहीं इसका स्वाद चखकर प्रंशसा करने से भी नहीं चुके। इन जम्बो अमरुदों को 3 दोस्तों ने जैविक खेती के माध्यम से तैयार किया हैं और इस अमरुद को कोई भी पर्यटक आनलाईन से अपने घर पर भी मंगवा सकता हैं।
जींद के गांव संगतपुरा निवासी कर्मजीत सैनी और पानीपत निवासी गुरशरण रावल व इंजीनियर नीरज डांडा ने नौकरी करने की बजाए खेती की तरफ रुझान किया। इन दोस्तों ने गांव संगतपुरा में थाई ग्वावा किस्म का अमरुद का बाग लगाया और खुब मेहनत से अमरुद की फसल तैयार की। इस फसल से एक अमरुद का वजन 1 किलो 700 ग्राम तक प्राप्त हुआ। यह बाग जींद में चर्चा का विषय बन गया हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जैविक खेती के लिए ज्यादा पूंजी की भी जरुरत महसुस नहीं हुई।
उन्होंने एक कम्पनी स्थापित की और घर-घर तक जैविक अमरुद पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। इस लक्ष्य को जहन में रखते हुए ही पहली बार अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में अमरुदों के साथ पहुंचे हैं। उनके जम्बो अमरुद को देखकर पर्यटक दंग रह गए और स्वाद चखने के बाद हर किसी ने खुब प्रशंसा भी की। इस अमरुद को तैयार करने से पूर्व जमीन को गौमूत्र व गोबर की खाद डालकर कीटनाशकों के दुष्प्रभाव को दूर किया गया और भारत की कृषि पद्धतियों का इस्तेमाल किया गया।