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उत्तर प्रदेश पैवेलियन ने 62 लघु चित्रों में दिखाई भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं

अंतरराष्ट्रीयगीतामहोत्सव में पहली बार उत्तर प्रदेश को सहभागी प्रदेश के रूप में चुना गया हैं और इस प्रदेश के पैवेलियन में दूसरी शताब्दी से लेकर बारहवीं शताब्दी की दुर्लभ मूर्तियां भारत के प्राचीन इतिहास के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक झरोखों को बयां कर रही हैं। इन ऐतिहासिक क्षणों को समेटने के लिए महोत्सव में आने वाले पर्यटकों के पैर उत्तर प्रदेश के पैवेलियन के पास आकर जरूर रुक जाते हैं। 

उत्तर प्रदेश संग्रहालय विभाग की सहायक निदेशक रेणू द्विवेदी का कहना है कि प्रदेश की तरफ से पहली बार गीता महोत्सव में सहभागी प्रदेश बनकर प्रदर्शनी लगाने का अवसर मिला है। महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को यूपी पैवेलियन खूब पंसद रहा हैं। इस पैवेलियन की छायाचित्र प्रदर्शनी कला में कृष्ण के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की जन्म स्थली मथुरा के इतिहास और भगवान श्रीकृष्ण के बचपन से लेकर मथुरा में आवास करने तक की सभी लीलाएं जयपुर, जोधपुर, राजस्थानी सहित विभिन्न प्रकार की शैलियों की 62 पेंटिंग की फोटो के माध्यम से दिखाने का अनोखा प्रयास किया गया हैं। उन्होंने बताया कि यूपी पैवेलियन में तीसरी शताब्दी बीसी की प्राचीन भगवान बलराम की मूर्ति अपने इतिहास को बता रही हैं। इस प्रदर्शनी में विष्णु भगवान, मां दुर्गा गोल, सिंहनाद, अवलोकितेश्वर, शिव-गंगा-पार्वती, बोद्धिसत्स पदम पणि बुद्ध जीवन की प्रमुख घटनाओं की 11 वीं 12 वीं शताब्दी की मूर्तियां भी रखी गई हैं। इस पैवेलियन मेंं सरकार की तरफ से 10 से अधिक स्टाफ की भी ड्यूटी लगाई गई हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की कठपुतली लोक कला भी पर्यटकों का खूब मनोरंजन कर रही हैं।