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तीन घंटे, पांच एजेंडा और नतीजा जीरो

 सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद हॉल में हुई नगर निगम सदन की बैठक में पांच मुद्दों में से किसी अहम मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। हालांकि नगर निगम का कार्यालय बनाने और वार्डवार पार्षदों को एक करोड़ रुपये सालाना खर्च करने की पावर देने पर सबकी एक राय थी। लेकिन दूसरे मुद्दों पर चर्चा लंबी खिंच गई और तीन घंटे में कोई बड़ा फैसला बैठक में नहीं हो सका। बैठक सुबह साढ़े ग्यारह बजे से ढाई बजे तक चली।

खास बात यह है कि वित्त एवं संविदा समिति का गठन भी अभी नहीं हो सका है। इसके अलावा उप समितियों में वाटर सप्लाई, सीवेज, ड्रेनेज एवं डिस्पोजल कमेटी, बि¨ल्डग एवं रोड रेगुलेशन कमेटी, टैक्स एसेसमेंट एवं फीस कमेटी, एकाउंट एवं आडिट कमेटी, पब्लिक सेफ्टी एवं पल्यूशन कमेटी, फायर कमेटी, शिक्षा एवं सामाजिक कल्याण समिति, प्ला¨नग इंप्रूवमेंट एवं रिसोर्स, सेनिटेशन पब्लिक हेल्थ कमेटी, रूरल, स्लम डेवलपमेंट कमेटी, मार्केट स्लाटर हाउस एवं व्यापार और विजिलेंस कमेटी का गठन भी होना है। नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 40 के अंतर्गत उप समितियों का गठन करने का प्रस्ताव फिलहाल लंबित रखा गया।

यह था मी¨टग का एजेंडा

व्यापार सदन में निगम का कार्यालय: महरौली रोड पर व्यापार सदन में नगर निगम का कार्यालय बनाने पर सभी पार्षदों ने अपनी सहमति दी, लेकिन व्यापार सदन के एससीओ और अन्य कमर्शियल साइट की नीलामी कर राजस्व बढ़ाने का विरोध पार्षदों ने कर दिया।

पार्षद को मिले एक करोड़ की पॉवर: निगम सदन की बैठक में सभी पार्षदों को अपने वार्ड में विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपये खर्च करने की पॉवर देने का एजेंडा रखा गया। हालांकि ऐसा प्रस्ताव पिछले सदन कार्यकाल में भी पास हो चुका है। लेकिन इस प्रस्ताव को मुख्यालय से मंजूरी नहीं मिल सकी। इस बार फिर से इस प्रस्ताव को पास किया।

हर जोन में खोले जाएं कार्यालय: नगर निगम चार जोन में बंटा हुआ है और निगम में चार संयुक्त आयुक्त हैं। नगर निगम की हाउस मी¨टग में हर जोन में संयुक्त आयुक्त कार्यालय खोलने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन इस पर जगह की कमी का मुद्दा हावी रहा। निगमायुक्त वी. उमाशंकर ने कहा कि जोन -4 में तो खत्तों (कचरा डं¨पग प्वाइंट )के लिए भी जगह नहीं है।

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इन मुद्दों पर हुई चर्चा

बैठक में नगर निगम की जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने, वार्ड कमेटी बनाने, जो आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर कार्य करेगी, वार्ड वाइज ऑपरेशन कार्यालय स्थापित करने, विकास कार्यो में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, बि¨ल्डग प्लान स्वीकृति प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने, फुटओवर ब्रिज प्रोजेक्ट, कम्युनिटी सेंटरों के किराए में कमी करने, लाइसेंसी कॉलोनियों को टेकओवर करने की प्रक्रिया को तेज करने, सफाई व्यवस्था दुरस्त करने, सड़कों से रेहड़ी-पटरी का अतिक्रमण हटाने, पानी का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई करने, ग्रीन बेल्ट दुरुस्त करके उनका सौंदर्यीकरण करने, अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने, विकास कार्यों में तेजी लाने आदि बिंदुओं पर विभिन्न पार्षदों ने अपनी बात सदन के सामने रखी।

अतिक्रमण के मुद्दे पर हुई बहस

वार्ड 19 के पार्षद अश्विनी शर्मा ने हाउ¨सग बोर्ड कॉलोनी में घरों के आगे रैंप बनाकर अतिक्रमण करने की शिकायत की। पार्षद का कहना था कि शिकायत के बावजूद नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर निगमायुक्त वी. उमाशंकर और पार्षद के बीच कुछ देर तक बहस भी हुई। निगमायुक्त ने कहा कि पूरे शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अलग से किसी क्षेत्र में कार्रवाई नहीं की जा सकती है।

ये रहे मी¨टग में मौजूद

बैठक की अध्यक्षता मेयर मधु आजाद ने की। उनके साथ सीनियर डिप्टी मेयर प्रमिला गजे¨सह कबलाना, डिप्टी मेयर सुनीता यादव, नगर निगम आयुक्त वी. उमाशंकर, अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ और संयुक्त आयुक्त मुकेश सोलंकी सहित सभी अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे।