News Description
सरकारी योजनाओं की राशि रूकी, ग्रामीणों में रोष

 इंदिरा आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए पैसे व शौचालय बनाने के लिए मंजूर किए गए पैसे छह वर्ष बाद भी नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मनरेगा के तहत किए गए कार्य के भी आधे-अधूरे पैसे देने का आरोप लगाया है। उपायुक्त ने इस संबंध में संबंधित विभाग को जांच व कार्रवाई करने के आदेश दिए है। गांव इमलोटा निवासी धर्मबीर पंच, धर्मपाल, रमेश, प्रहलाद, अनिल कुमार, जोगेंद्र, मंजीत, रितिक, श्रीभगवान इत्यादि ने बताया कि वर्ष 2011 में उन्होंने इंदिरा आवास योजना के तहत फार्म भरा था।

इस योजना के गरीब, बीपीएल परिवारों को मकान बनाने के लिए सरकार की तरफ से पैसा मिलता था। उनकी फाइलों को पास कर पैसे जारी करने की मंजूरी मिल गई थी लेकिन अभी तक उन्हें ये पैसे नहीं मिल पाए। इसी तरह घर-घर शौचालय योजना के तहत भी उन्होंने फार्म भरे थे। इस बार भी उन्होंने फार्म भरे तथा राशि जारी भी हुई लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिल पाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस वर्ष उन्होंने 9 फरवरी से 4 मई तक मनरेगा के तहत कार्य किया लेकिन उन्हें केवल तीन-तीन हजार रुपये दिए गए।

बाकी पैसों की मांग करने पर उन्हें धमकियां दी जाती है। उन्होंने कहा कि वे दर्जनों बार संबंधित अधिकारियों के पास चक्कर काट चुके है लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उपायुक्त ने ग्रामीणों को इस संबंध में निष्पक्ष जांच करवाने व कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।