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गीता महोत्सव में पहुंचने पर होते हैं भारत के साक्षात दर्शन: उर्वशी

 अंतर्राष्ट्रीयगीता महोत्सव में ब्रहमसरोवर तट पर भारत की सांस्कृतिक विरासत के सहजता से दर्शन होते हैं। यह कहना था पूर्व आईएएस अधिकारी उर्वशी गुलाटी का। गुलाटी रविवार को शिल्प सरस मेले का भ्रमण करने पहुंचीं। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 28 वर्ष पहले छोटे स्तर से गीता जयंती समारोह शुरू हुआ था। आज यह अंतरराष्ट्रीय फलक पर छा चुका है। गौरतलब है कि सन 1989 में उर्वशी गुलाटी और मौजूदा डीसी सुमेधा कटारिया ने जिलास्तर पर गीता जयंती समारोह शुरू कराया था। हालांकि इससे पहले धार्मिक संस्थाएं अपने अपने संस्थानों में गीता जयंती पहले से मनाती थी। आईएएस गुलाटी के साथ सेवानिवृत एसीएस नरेश गुलाटी, उपायुक्त सुमेधा कटारिया,एडीसी धर्मबीर सिंह, एसडीएम वत्सल वशिष्ट,सीईओ केडीबी पूजा चांवरिया, नगराधीश कंवर सिंह, डॉ. एसएस पाडंया ने सरस और शिल्प मेले का अवलोकन किया। 

गुलाटीने किया जागरूकता शिविर का शुभांरभ : ब्रह्मसरोवरके उत्तरी तट पर ग्लोकोमा स्पोर्ट ग्रुप की तरफ से ग्लोकोमा जागरूकता शिविर लगाया। उदघाटन पूर्व मुख्य सचिव उर्वशी गुलाटी ने किया। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एसएस पांडय ने कहा कि ग्लोकोमा से अंधापन हो सकता है। भारत में 60 लाख से अधिक लोग ग्लोकोमा से पीडित हैं।