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किठाना-कलायत-तितरम मोड़ थे संवेदनशील 11 नाके में हरेक पर तैनात रहे 20-30 कर्मी

जींदमेंसांसद राजकुमार सैनी जसिया में जाट नेता यशपाल मलिक की रैली के बाद जिले में स्थिति डगमगाने का खतरा था, लेकिन पुलिस के पुख्ता प्रबंध के कारण बचाव रहा। आशंका जताई जा रही थी कि कलायत में झगड़ा हो सकता है और किठाना में रोड जाम कर सकते है। किठाना, कलायत के साथ तितरम मोड़ पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया गया। 

11 जगहों पर नाके लगाए गए। ऐसा करने के लिए एसपी, चार डीएसपी, 10 इंस्पेक्टर अन्य छह इंचार्जों के नेतृत्व में 930 पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात रहे। इन्होंने किसी भी रुट पर जाने वाले वाहन को नहीं रोका, पर कहीं पर लोगों को इकट्ठे नहीं होने दिया। सुबह से इसी प्रक्रिया में जुटते हुए दिनभर व्यवस्था बनाए रखी। प्रशासन की 10 टीमों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर सूचनाएं इकट्ठी की।

जिले के अलग-अलग गांवों से जींद जसिया रैली के लिए रवाना हुआ। गाड़ियों पर होर्डिंग, बैनर भी लगे हुए थे। कुरुक्षेत्र, अम्बाला यमुनानगर जिलों से भी रैली के लिए लोग गए। शाम 6 बजकर 28 मिनट पर शुरू इंटरनेट हुआ। 

एडीसीएसपी ने किया किठाना कलायत का दौरा :एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह एसपी आस्था मोदी ने किठाना कलायत का दौरा किया। सभी नाकों से सूचनाएं प्राप्त की। कंट्रोल रूम से हर 60 मिनट यानी एक घंटे के बाद हर राइडर, पीसीआर नाकों से रिपोर्ट हासिल की गई। 

किठानाकलायत में लगा रखे थे 200 जवान :किठाना कलायत में 200-200 जवानों को तैनात किया हुआ था। इसके अलावा 11 नाकों पर 20 से 30 कर्मी तैनात रहे। 930 कर्मियों में 55 होमगार्ड, 110 एसपीओ भी शामिल रहे। उधर प्रशासन की और से ग्राम सचिवों पटवारियों को लगाए हुआ था। जिले में व्यवस्था बनाए रखने कानून का पालन करने के लिए करीब 2200 अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे। 

कहीं भी जाने से नहीं रोके वाहन 

^उन्होंनेकिसी भी वाहन को कहीं जाने से नहीं रोका। रैली में जाने वालों को इकट्ठा होने के लिए कहा था। सभी अपने निर्धारित स्थल से बिना रुके ही निकले। आस्थामोदी, एसपी 

शांति बनाए रखने में लोगों का मिला सहयोग 

^जिलेमें पूरी तरह शांति रही। सभी अधिकारी कर्मचारी अपने ड्यूटी पर ईमानदारी निष्ठा से रहे। शांति बनाए रखने में जिले के लोगों ने प्रशासन को पूरा सहयोग किया। सुनीतावर्मा, डीसी 

जिले के सभी ग्राम सचिवों पटवारियों ने अपने-अपने गांव में डेरा डाला हुआ था। गांव की सूचनाओं को अपने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तक पहुंचा रहे थे। इसके अलावा उन्होंने पंचायत करके मौजिज लोगों को शांति बनाए रखने की अपील भी की। हर