News Description
प्रद्युम्न हत्याकांड: जेजे बोर्ड में सुनवाई पर हर पक्ष की नजर

गुरुग्राम : प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआइ द्वारा गिरफ्तार आरोपी छात्र को वयस्क के रूप में देखा जाए या नहीं, इस बारे में 29 नवंबर को फैसला हो सकता है। इसे लेकर सीबीआइ पूरी तैयारी में जुटी है। छात्र के जन्म प्रमाण पत्र से लेकर उसका व्यवहार कैसा रहा है सहित कई प्रकार की जानकारी जुटाई जा रही हैं। सीबीआइ ही नहीं बल्कि प्रद्युम्न के पिता वरुणचंद ठाकुर भी चाहते हैं कि आरोपी छात्र को वयस्क की तरह देखा जाए क्योंकि सीबीआइ जांच के मुताबिक उसने सोची समझी रणनीति के तहत घटना को अंजाम दिया है।

गांव भोंडसी के नजदीक स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या स्कूल के ही बाथरूम में आठ सितंबर को कर दी गई थी। आरोप में गुरुग्राम पुलिस की एसआइटी ने बस सहायक अशोक को गिरफ्तार किया था। बाद में सीबीआइ ने आरोप में 11वीं कक्षा के छात्र को गिरफ्तार किया है। सीबीआइ आरोपी छात्र का ¨फगर ¨प्रट लेना चाहती है। साथ ही यह चाहती है कि इसका मामला सेशन कोर्ट में जाए। दोनों विषयों पर 29 नवंबर को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में फैसला हो सकता है। इस तरह सभी पक्षों की नजर 29 नवंबर को होने वाली सुनवाई के ऊपर है। इधर, प्रद्युम्न के पिता वरुणचंद ठाकुर के अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल कहते हैं कि जांच के मुताबिक आरोपी छात्र ने संगीन अपराध किया है। मामले को ऊपरी अदालत में भेजा जाना उचित है। बस सहायक अशोक के आरोपी होने पर प्रबंधन के अलावा बाहर के लोग घेरे में मुश्किल से आते लेकिन छात्र के आरोपी होने पर कई लोग घेरे में आएंगे। ऐसा हो ही नहीं सकता कि छात्र ने हत्या की और किसी को आभास तक नहीं हुआ। साफ है कि घटना के बाद मामले को छिपाने या दबाने का खेल खेला गया। इस खेल में जितने भी लोग भी शामिल हैं, चाहे पूरी एसआइटी ही क्यों न हो, सभी घेरे में आएंगे।