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सदियों पुरानी परंपरा रही है भाषा अनुवाद की : प्रो. टंडन

स्थानीय आर्य समाज सभागार में रविवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें देश के प्रसिद्ध साहित्यकारों व अनुवाद ¨चतकों ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. नरेश मिश्र ने की तथा बतौर मुख्य अतिथि भारतीय अनुवाद परिषद के निदेशक प्रो. पूरन चंद टंडन पहुंचे। इस दौरान डा. अशोक कुमार मंगलेश द्वारा संपादित जय रक्तवीर पुस्तक का विमोचन किया गया। प्रो. पूरन चंद टंडन ने अपने बीज वक्तव्य में कहा कि ¨हदी साहित्य व अनुवाद को 11वीं से 21वीं शताब्दी तक का विश्लेषण करते हुए ¨हदी भाषा को वैश्विक पटल पर चरितार्थ किया। अनुवाद का महत्व बताते हुए उन्होंने वसुधैव कुटुम्बक की परिकल्पना के माध्यम से देश विदेश की भाषाओं को परस्पर आदान प्रदान व विचार विनिमय की संभावना पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पहुंचे विशिष्ट वक्ता डा. विकास कुमार ने अपने संबोधन में युवा वर्ग के लिए भू मंडलीकरण के दौर में अनुवाद विधा में रोजगार की आपार संभावनाएं बताई। आज युवाओं को रूझान अनुवाद के प्रति कम होता जा रहा है जो ¨चता का विषय है। जय रक्तवीर पुस्तक का विमोचन करते हुए रक्तदान जागृति मंच के अध्यक्ष डा. मधुकांत ने पुस्तक की समीक्षा करते कहा कि आज के लेखकों को इस तरफ ध्यान देने बेहद जरूरी है। उन्होंने डा. अशोक कुमार मंगलेश को बधाई देते हुए सराहनीय पहल बताया। डा. मधुकांत ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य का काम नहीं है। आज युवाओं को इसके लिए आगे आना होगा। कार्यक्रम में राष्ट्र स्तरीय साहित्यकारों का सम्मान किया गया। जिसमें प्रो. पूरन चदं टंडन , प्रो. नरेश मिश्र, डा. मधुकांत, डां. शंकी व कैप्टन रामभगत शर्मा को निर्मला ¨हदी साहित्या शिरोमणि सम्मान दिया गया। डा. दिज्विजय, डा. संजय चौपाड़े, प्रो. श्याम लाल, डा. बसंत को निर्मला ¨हदी साहित्य रत्न सम्मान से नवजा गया। लक्ष्मी नारायण लक्ष्मी, विश्वेश्वर भारद्वाज, डा. नरेश सिहाग, डा. अंजना सैनी, रोशनी शर्मा, जगत ¨सह हुड्डा को निर्मला हरियाण गौरव साहित्य सम्मान दिया गया व यशपाल निर्मल जम्मू, डा. हरनाम को निर्मला अनुवाद साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में रक्तदान की मुहिम को बढ़ावा देने वाले युवा ¨रपी फौगाट को निर्मला युवा रक्तवीर सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर ब्रह्मानंद चिडिय़ा, हंसराज हंसी, नीनू रानी, मंजू बाला, डा. सविता शर्मा, हेमंत, डा. महेंद्र ¨सह शर्मा इत्यादि उपस्थित थे।