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छारा का लाडला सुरेंद्र दो बार दिल्ली में बन चुका विधायक, फंड खर्च करने में नंबर वन

मुंबई के ताज होटल पर 26/11 को हुए आतंकी हमले में अपनी जान पर खेलकर सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाले एनएसजी कमांडो रहे सुरेंद्र कुमार जनप्रतिनिधि के रूप में लोगों की सेवा में जुटे हैं। बहादुरगढ़ के छारा गांव निवासी सुरेंद्र ने जांबाजी के साथ आतंकवादियों से लड़ाई लड़ी और गोलियां खाकर उन्हें मौत के घाट उतारा। हमले में बुरी तरह से जख्मी होने के बाद वे मेडिकल अनफिट होने की वजह से रिटायरमेंट दी गई। जिंदगी की दूसरी पारी में वे दिल्ली कैंट से एमएलए बने और यहां भी अपने इरादों का लोहा मनवाया। 

पूरा फंड खर्च किया मिला सम्मान 

सुरेंद्रकमांडो देश के एकमात्र ऐसे विधायक बने हैं, जिन्होंने अपने फंड की तमाम राशि मिलते ही खर्च कर दी। इस काम के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया। भास्कर के साथ अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कहते थे कि यह फौजी है और गरीब भी है इसे केवल गोली चलाना आता है, लेकिन दिल्ली कैंट के लोगों ने मुझ पर विश्वास किया। मैंने भी अपने फंड का एक एक पैसा यहां के विकास में लगा दिया। पेयजल, शिक्षा सुरक्षा के काम में ज्यादा फंड लगाया गया। अब एमएलए हेड की रिपोर्ट में यह खुलासा भी हो चुका है कि मैंने पूरे फंड का सही इस्तेमाल किया है। इस खुशी को परिवार के साथ बांटने के लिए अपने गांव जाऊंगा और अपने क्षेत्रवासियों के साथ अपने अनुभव साझा करूंगा।