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वक्त के अनुसार बिलासपुर के विकास को नहीं मिली रफ्तार

बिलासपुर : ग्राम पंचायत बिलासपुर में 20 वार्ड हैं। उनकी संख्या से ही पंचायत के कार्य क्षेत्र का अंदाजा लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं उपमंडल की सबसे बड़ी पंचायत का खिताब भी इसके नाम है। इसके बावजूद यह पंचायत सुविधाओं को तरस रही है।

कस्बे में न तो पानी निकासी का प्रबंध है और न ही साफ सफाई का। चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। कितनी ही सरकारें बदली, लेकिन किसी ने भी कस्बा बिलासपुर के उत्थान की तरफ ध्यान नहीं दिया। पंचायत की अपनी आमदनी कम है, जो दुकानें बनी हैं, उनका आधा किराया दुकानदार दबाकर बैठे हैं। कई दुकानें तो ऐसी हैं, जिनका महीने का किराया एक मजदूर की एक दिन की दिहाड़ी से भी कम है।

बिलासपुर पंचायत में 20 वार्ड हैं, लेकिन सभी वार्डो में सफाई का बिलकुल भी प्रबंध नहीं है। इतनी बड़ी पंचायत में केवल चार सफाईकर्मी हैं, जबकि एक वार्ड में एक या दो सफाई कर्मचारी होने चाहिए। जो चार सफाई कर्मचारी हैं, वे भी अपना काम ठीक से नहीं कर रहे। किसी मुहल्ले में जाते हैं, तो पूरा दिन एक ही नाली का कचरा निकालने में लगा देते हैं। इतना ही नहीं चारों कर्मचारी एक साथ ही किसी वार्ड में जाते हैं।

यदि इन्हें अलग-अलग कर भेजा जाए तो सफाई में कुछ सुधार हो सकता है। यदि सफाई कर्मचारी एक वार्ड में जाते हैं, तो 20 दिन बाद उसका दोबारा नंबर आता है।