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थाना प्रबंधकों को दी वाहन दुर्घटना मुआवजा अधिनियम की जानकारी

जिलाविधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यालय में सोमवार को जिला के सभी पुलिस थाना प्रबंधकों के लिए एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राहुल बिश्नोई ने की। उन्होंने बताया कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य एमएसीटी वाहन दुर्घटना मुआवजा अधिनियम केसों के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने जो नए दिशा निर्देश जारी किए है, उस बारे में जिले के पुलिस अधिकारियों को जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे इसके तहत माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अनुपालना करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से कर सके। 

सीजेएम ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेमिनार आयोजित किए जाएंगे जिससे पुलिस अधिकारी भली भांति अधिनियम के बारे में अवगत हो पाएंगे, जिसका पीड़ितों और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने सभी पुलिस थाना प्रबंधकों से कहा कि हमें माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना करते हुए अपने कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेवारियों का वहन करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना हमारा कर्तव्य है। सेमिनार में अधिवक्ता कौशल मेहता ने दिल्ली हाई कोर्ट के केसों राजेश त्यागी इत्यादि बनाम जसबीर सिंह इत्यादि, सोबत सिंह बनाम रमेश चंद्र गुप्ता इत्यादि जोकि 12 दिसंबर 2014 को हुआ। इस फैसले में जो तथ्य जांच अधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों के लिए निर्देश एमएसीटी केसों के संबंध में दिए है इस बारे भी विस्तार से बताया गया। इसके अलावा इस प्रकार केसों में आने वाली दिक्कतों के समाधान के बारे में भी विचार विमर्श किया गया।