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कागजों में ही मच्छरों को भगाने का प्लान

कैथल

बरसात शुरू हो गई है और दिनोंदिन मच्छरों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से मच्छरों से निपटने के लिए समुचित योजना नहीं बनाई गई है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग के लिए कागजी प्लान ही तैयार किया गया, जिसे नगर परिषद, नगर पालिका और पंचायतों को भेज दिया है, लेकिन धरातल पर इसे लागू करने के लिए मशीन तक नहीं खरीदी गई हैं।

थल नगर परिषद और टीक ग्राम पंचायत को छोड़कर किसी के पास फॉगिंग मशीन नहीं है। पूंडरी नगर पालिका की खरीदी गई फॉगिंग मशीन एक साल से खराब पड़ी है।

स्वास्थ्य विभाग नगर पालिका और पंचायतों को फॉगिंग मशीन खरीदने के लिए बार-बार पत्र लिख रहा है। इसके बावजूद पंचायत और नगर पालिका अधिकारी मशीनें खरीदने में कोताही बरत रहे हैं। पिछले साल फॉगिंग का काम नगर परिषद और पालिकाओं को दिया गया था। दवाई स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मुहैया कराई गई थी। इसके बावजूद नगर परिषद और पूंडरी को छोड़कर गुहला, राजौंद और कलायत में पिछली बार फॉगिंग हुई ही नहीं। इस कारण इन क्षेत्रों में डेंगू के कई केस सामने आए थे।