News Description
प्लॉटों में गंदगी फैलाने पर भेजे 300 नोटिस, 200 के मालिकों का पता न लगने पर नोटिस किए चस्पा

रोहतक.खाली प्लाॅटों में लग रहे गंदगी के ढेर से शहरवासियों को निजात दिलाने की मुहिम पहले ही चरण में फेल हो गई। बिना ग्राउंड वर्क नगर निगम द्वारा खाली प्लाट मालिकों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए, लेकिन अधिकांश मालिकाें की पड़ताल करना भी मुनासिब नहीं समझा गया। अब तक 300 नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें से 200 खाली प्लाॅटों के मालिकों का पता ही नहीं है। वहीं, मोहलत की समयसीमा खत्म होने के बावजूद आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी, जबकि जुर्माने और एफआईआर दर्ज कराने तक का भी प्रावधान किया गया है।

नगर निगम की 24 मई को हुई बैठक में पार्षदों ने शहर को साफ-सुथरा बनाने और बीमारियों से बचाने के लिए खाली पड़े प्लाॅटों में डाले जा रहे कूड़े की समस्या पर मंथन किया था। इस पर सदन ने सर्वसम्मति से तत्काल योजना बनाकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही मलबा डालने, खाली प्लाट की चहारदीवारी न करवाने, डेयरी संचालकों द्वारा कूड़ा व गोबर का निष्पादन व्यवस्थित न करने और सड़कों पर अनधिकृत कब्जा हटाने के बारे में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध आर्थिक दंड और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने का भी प्रावधान किया गया। नगर निगम ने इसके लिए मौखिक और लिखित दोनों तरीकों से आमजन तक सूचना भिजवाई और शहरी क्षेत्र में करीब तीन सौ नोटिस भेजे गए। अफसरों के मुुताबिक निगम की टीम ने स्वयं हर प्लाट तक जाकर नोटिस चस्पा की और रिकाॅर्ड के लिए उसकी फोटो खींची, लेकिन आज तक लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसकी वजह है कि दो सौ प्लाटधारकों के नाम पते का कोई रिकाॅर्ड नगर निगम के पास नहीं है।
 
यह हो सकती है कार्रवाई
 
मलबा डालने पर: मकान, दुकान या किसी भी प्रतिष्ठान के बाहर गली-सड़क पर मलबा डालने पर 7 दिन का नोटिस, उस पर अमल नहीं होने पर 2 हजार रुपए जुर्माना। साथ ही जुर्माना अदा न करने और मलबा न उठाने पर एफआईआर कराई जाएगी।

खाली प्लाॅट की चारदीवारी करवाने के बारे में : शहरी क्षेत्र में खाली प्लाटों की चहारदीवारी करवाने और उसमें डाले जा रहे मलबे को हटाने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। जिस पर अमल नहीं होने पर पहले 5 हजार जुर्माना और दूसरी बार 10 हजार जुर्माना किया जाएगा और रिपोर्ट भी दर्ज होगी।
 
डेयरी संचालकों के कट सकते हैं कनेक्शन
डेयरी संचालकों को हिदायत दी गई कि वे डेयरी से निकलने वाले कूड़े व गोबर का निष्पादन व्यवस्थित ढंग से करें। उनके द्वारा खाली प्लाट, सड़कों पर बहाए जा रहे गोबर से जाम हो रहे नाले व फैल रही बीमारियों के चलते डेयरी का पानी व सीवरेज का कनेक्शन कटेगा और पब्लिक हेल्थ विभाग कार्रवाई करेगा।
सड़कों से कब्जा न हटाने पर 5 हजार जुर्माना
दुकानदारों द्वारा सड़कों पर अस्थाई अतिक्रमण करते पाए जाने पर ऐसा करने वाले के विरुद्ध 5 हजार रुपए का जुर्माना और जुर्माना न भरने की स्थिति में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।