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योग दिवस पर मंत्री के जिले में ही भर्ती नहीं हो पाए योग शिक्षक

अंबाला 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह से मनाया जा रहा है। जाहिर है योग के महत्व से अवगत कराया जाएगा लेकिन योग सिखाने वाले शिक्षक वह नहीं होंगे, जिनकी भर्ती को लेकर सूबे में पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से ही दावे किए जा रहे हैं। जिले में भी अन्य कई जिलों की तरह पतंजलि योग समिति के योग शिक्षक ही कमान संभालेंगे

सरकारी स्तर पर योग शिक्षकों की सीमित भागीदारी इसलिए भी खल रही है कि सूबे के स्वास्थ्य खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने विधानसभा स्तर पर 10-10 योग शिक्षक रखने का एलान किया था। विडंबना यह भी है कि अस्थायी तौर पर रखे जाने वाले इन योग शिक्षकों की भर्ती खुद संबंधित महकमे के मंत्री यानी अनिल विज के जिले में भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। देखा जाए तो अंबाला में 40 शिक्षकों की भर्ती होनी थी लेकिन अभी तक खाता तक नहीं खुला है, जबकि इस संबंध में हुई घोषणा को ही दो साल बीत गए हैं।

40 योग शिक्षकों की भर्ती में पहुंचे चार, मापदंड आए आड़े

अस्थायी तौर पर रखे जाने वाले इन योग शिक्षकों के लिए बीती 14 जून को एडीसी कार्यालय में साक्षात्कार लिए गए थे। इन साक्षात्कार में आवेदकों के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के लेवल-वन सर्टिफिकेट की शर्त रखी गई थी। ऐसे में करीब 40 पदों पर महज चार योग्य आवेदक पहुंचे। पता चला कि जिले में ऐसे मापदंड पूरा करने वालों का टोटा है। जो पांचवां आवेदक किसी वजह से पहुंच नहीं पाया था वह भी राजस्थान से था। ऐसे में योग शिक्षक की सामान्य योग्यता रखने वाले आवेदकों में रोष है, जिनका कहना है कि सरकार ने महज 8100 रुपये देने हैं और उसके लिए भी शर्त लगा दी है।