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किसानों की बेटियों ने सीएम का पुतला फूंका

स्वामीनाथनआयोग की रिपोर्ट लागू करने और कर्ज माफी की मांग को लेकर लघु सचिवालय परिसर में किसानों का बेमियादी धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। धरने में महिला किसानों ने भी शिरकत की और उन्होंने सीएम का पुतला फूंक कर रोष का इजहार किया। महिला किसान नेता ने सरकार को चेतावनी भी दी कि अगर किसानों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो किसानों की संतानें और उनके पालतू पशु भी लघु सचिवालय में पड़ाव डालने के लिए मजबूर हो जाएंगे। 

सीएम का पुतला फूंकने से पहले धरनारत किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरने का नेतृत्व कर रहे स्वामीनाथन आयोग संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार और किसान नेता प्रकाश ममेरा ने कहा कि खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। कर्ज तले दबा किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो किसान खेती छोड़ने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले किसानों से वादा किया था कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी और किसानों को फसलों के उचित दाम दिलाएंगे। लेकिन तीन साल से सरकार ने किसानों की सुध नहीं ली है। 

किसान नेताओं ने मध्यप्रदेश में कर्ज माफी की मांग को लेकर आंदोलनरत किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि मप्र के किसानों पर पुलिस की ओर से लाठियां और गोलियां चलवा कर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। इसी तर्ज पर हरियाणा सरकार करना चाहती है लेकिन किसान डरने वाले नहीं हैं। अपने हकों की लड़ाई लड़ने को बड़ी से बढ़ी कुर्बानी देने को तैयार हैं। इस मौके पर किसान नेता कृष्ण ढाका, हरफूल श्योराण, धर्मपाल श्योराण, ख्यालीराम, मनोज जांदू, दीपिका कासनिया, कविता, मनीषा, रेणु, मैना देवी, संतोष, सिलोचना, गिरदावरी, मैना देवी, सरोज, बलवंती, शकुंतला, सुमित्रा, दीपिका औलख, रामस्वरूप, राममूर्ति कुसुंबी, महेंद्र, बिंदर सिंहपुरा नाजर सिंह अन्य लोग भी थे।