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सिरे नहीं चढ़ रही रोजगार देने वाली सक्षम योजना

नूंह :जागरूकता का अभाव, विभाग की निष्क्रियता या फिर भारी भरकम शर्तें। कारण जो भी हो युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई सक्षम योजना पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ रही है।

हालात ये हैं कि दस हजार 250 युवक-युवतियों ने रोजगार कार्यालय में पंजीकरण कराया हुआ है, लेकिन इनमें से मात्र 192 युवाओं को ही सक्षम योजना के तहत रोजगार मिला है। खास बात यह है कि अन्य जिलों में यह आंकड़ा नूंह से कई गुना अधिक है। जिन युवाओं को रोजगार मिला है उनमें 79 युवा पोस्ट ग्रेजुएट व 113 ग्रेजुएट शामिल हैं। ये सभी जिला राजस्व अधिकारी, समाज कल्याण विभाग, एसडीएम कार्यालय चुनाव विभाग के दफ्तर में कार्य कर रहे हैं।

बता दें प्रदेश सरकार द्वारा एक नवंबर 2016 को सक्षम योजना प्रारंभ की गई थी। इसके अंतर्गत पोस्ट ग्रेजुएट व ग्रेजुएट बेरोजगार युवाओं को महीने में सौ घंटे कार्य करने पर 6 हजार रुपये व 3 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ते के रूप में तथा ग्रेजुएट को भी महीने के 6 हजार रुपये के अलावा 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ते के रूप में दिए जा रहे हैं।

जिला रोजगार कार्यालय में 10250 बेरोजगार युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया हुआ है। लेकिन इनमें से मात्र 192 युवा ही शर्तों को पूरा कर इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। जानकारों का कहना है इसके लिए विभाग की निष्क्रियता व लोगों में जागरूकता की कमी भी बताई जा रही है। हालात ये हैं कि अधिकांश युवाओं को इस बारे में पता ही नहीं है। जिन्हें पता है वो विभाग की भारी-भरकम शर्तो को पूरा नहीं कर पाते हैं। लिहाजा यह योजना कम कारगर साबित हो रही है।