News Description
पत्रकारों से रूबरू होते राष्ट्रीय मंत्री एवं हरियाणा प्रभारी लोकतंत्र सेनानी संघ

हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज के चेयरमैन व राष्ट्रीय मंत्री एवं हरियाणा प्रभारी लोकतंत्र सेनानी संघ गोबिंद भारद्वाज ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से हरियाणा दिवस पर प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को 10 हजार रुपए पेंशन देकर उन सेनानियों को ही सम्मान नहीं दिया बल्कि यह लोकतंत्र का सम्मान है।  भारद्वाज आज यहां पीडब्लयू रेस्ट हाउस में पे्रस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।
 भारद्वाज ने बताया कि 42 वर्ष बाद हरियाणा की किसी सरकार ने यह सम्मान दिया है। सात महीने पहले चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें अन्य राज्यों की तर्ज पर हरियाणा में भी लोकतंत्र सेनानियों को मासिक पेंशन देने की मांग की थी। हरियाणा सरकार ने इस मांग को अब पूरा कर दिया है। 
उन्होंने बताया कि इससे पहले प्रदेश की भाजपा सरकार लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र एवं हरियाणा रोडवेज की बसों में यात्रा व मेडिकल सुविधा प्रदान कर चुकी है। हरियाणा की तर्ज पर एमपी में भी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र दिए गए व यूपी में भी ताम्रपत्र दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले हरियाणा रोडवेज की बस राजस्थान सीमा में प्रवेश करते ही उनकी टिकट काट दी जाती थी। अब हरियाणा रोडवेज की बसों में कहीं तक भी सफर कर सकते हो कोई किराया नहीं लगेगा। 
 भारद्वाज ने कहा कि जिले में आपात काल के समय मानसिक व शारीरिक प्रताडऩा सहन करने वाले 45 पुरुष व महिलाओं की सूची है। मासिक पेंशन के तौर पर 10 हजार रुपए ना केवल एक बड़ा सम्मान है बल्कि कई ऐसे लोकतंत्र सेनानी जो आपातकाल के वक्त लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल गए थे, उनके लिए एक बड़ी आर्थिक मद्द भी है। इसके अलावा प्रदेश की भाजपा सरकार की तरफ से हिंदी आंदोलन के सत्याग्रहियों की विधवाओं को भी आजीवन 10 हजार रुपए मासिक पेंशन एवं द्वितीय विश्वयुद्ध में काम आए हरियाणवी सैनिकों की विधवाओं की पेंशन पैंतालिस सौ रुपए से बढ़ाकर अब 10 हजार रुपए कर दी गई है।