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प्रदेश में टीबी का इलाज हुआ आसान

नूंह :टीबी की बीमारी को खत्म करने के लिए नूंह जिले से शुरुआत की गई है। इसका शुभारंभ बुधवार को आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार व केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन सैय्यद गैरुल हसन ने टीबी उन्मूलन रथ को हरी झंडी दिखाकर की। नए इलाज के मुताबिक अब मरीजों को बीमारी से छुटकारा पाने के लिए रोजाना मुट्ठी भरकर टैबलेट खाने की जरूरत नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग ने इस इलाज के लिए ऐसी दवा तैयार की है जो मरीज को उसके वजन के मुताबिक दी जाएगी। अब मरीज को औसतन प्रति दिन मरीज को एक या दो टैबलेट लेनी होगी। पहले ये इलाज केवल प्राइवेट अस्पतालों में था और काफी महंगा था। इसलिए आमआदमी वहां तक नहीं पहुंच पाता था। पुराने इलाज में मरीज को एक दिन में सात-सात टैबलेट लेनी होती थी, जिससे मरीज घबराता था और ऐसे में कई बार मरीज उन्हें बीच में ही छोड़ देता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, नए शोध में एक ही टेबलेट में सारे साल्ट मिला दिए गए हैं।

इसकी शुरुआत नूंह जिले से इसलिए की गई है कि यहां हर साल 1700 से 2000 लोगों का टीबी का इलाज चलता है। यहां अन्य जिलों के मुताबिक टीबी के मरीज औसतन ज्यादा है। टीबी उन्मूलन रथ गांव-गांव जाकर लोगों के स्वास्थ्य की देखरेख करेगा इसके लिए जिले में एमडीए का सहयोग लिया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीन ने इसकी पुष्टि की