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जमाबंदी की वेबसाइट पर देख सकते हैं नक्शा

 जमीनी रिकार्ड के डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने नागरिकों को एक और सुविधा मुहैया करवाई है। अब राज्य के नागरिक जमाबंदी की वेबसाइट पर जाकर अपने जिले व गांव का मसावी नक्शा भी देख सकते हैं। यानी मसावी नक्शा अब पूरी तरह से डिजिटल हो गया है।
दरअसल मसावी नक्शा देखने के दौरान जमीन मालिकों को अनेक झंझटों का सामना करना पड़ता था। पटवारियों को भी नक्शा दिखाने में परेशानी होती थी क्योंकि इसमें बहुत सारा समय बर्बाद हो जाता था। सबसे पहले जमीन मालिक को पटवारी को अर्जी लगानी होती थी। इसके बाद सात दिन का समय दिया जाता था। जब पटवारी बड़े से कागज व कपड़े पर बने इस नक्शे को दिखाता था तो बहुत सारा समय लगता था। 
इस नक्शे का रखरखाव करना भी मुश्किलों से भरा हुआ होता था। एक-एक गांव के पांच या छह नक्शे होते थे। इसको बार-बार मोडऩे से इसकी तह से इसके फटने का डर रहता था। दूसरी ओर इसमें हेराफेरी का भी भय रहता था। इसी प्रकार नक्शा गुम होने पर सबसे अधिक मुश्किल पेश आती थी। 
इन्हीं मुसीबतों से छुटकारा दिलाने व सिस्टम में पूर्णतया पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सरकार ने हरियाणा स्पेश एप्लीकेशन सेंटर हिसार को सभी जिलों का नक्शा स्कैन करके जमाबंदी डॉट एनआईसी डॉट इन पर डालने का जि मा सौंपा था। अब यह काम पूरा हो गया है। 
 
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नारनौल। मसावी नक्शे को ऑनलाइन देखने की प्रक्रिया के बारे में डीआईओ जिनेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सबसे पहले अपने कंप्यूटर व मोबाइल पर जमाबंदी डॉट एनआईसी डॉट इन पर लॉग इन करें। इसके बाद विव कैडेस्ट्रल मैप (मसावी नक्शा) पर क्लिक करें। हरियाणा जीओग्राफी पोर्टल खुलने के बाद उसमें मैनू व नेविगेशन पर क्लिक करें। इसके बाद अपनी तहसील, गांव, मुस्तिल नंबर अथवा मुरब्बा डालने के बाद किल्ला नंबर दर्ज करें। 
इस प्रक्रिया के पूरा होते ही आपकी जमीन का नक्शा लाल रंग की बाउंडरी में दिखाई देगा। इसे क्लोज अप करने के बाद इसके क्षेत्रफल को भी देख सकते हैं। इतना ही नहीं इसमें अक्षांश व देशांतर भी देख सकते हैं। भविष्य में इसमें और भी अधिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।