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चुनाव के लिए जरूरी वार्डबंदी प्रक्रिया एक बार फिर अटकी

सोनीपतनगर निगम के पहले चुनाव के लिए अनिवार्य वार्डबंदी प्रक्रिया एक बार फिर से अटक गई है। पहले ठेकेदार अपना कार्य जिम्मेदारी के साथ नहीं कर रहे थे अब जब नए ठेकेदार को कार्य सौंपने के लिए नगर निगम प्रशासन प्रयास कर रहा है तो वहां भी निगम को निराशा मिल रही है, क्योंकि यह जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए ठेकेदार सामने ही नहीं रहे हैं। जिस कारण टेंडर प्रक्रिया को स्थगित को अब स्थगित करना पड़ा है। पूर्व ठेकेदार को निगम की ओर से अपना कार्य पूरा करने एवं निगम के नोटिस का जवाब देेने के लिए 20 मई तक का जवाब देने के लिए कहा गया था, लेकिन ठेकेदार ने ऐसा नहीं किया। जिस पर नगर निगम ने नए ठेकेदार को काम सौंपने का फैसला किया। 

इसके लिए तीन जून को टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन सिर्फ एक टेंडर आया। इसके बाद छह जून को दोबारा किए तब भी यह कमोबेश स्थिति रही। जिसके चलते हुए निगम ने इस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। इस हालात में निगम की यह वार्डबंदी कब शुरू होगी यह कहना अब और मुश्किल हो गया है। 

इसलिएजरूरी हो रही है शहर में वार्ड बंदी करवानी: सोनीपतमें पूर्व में नगर परिषद थी, जिसका कार्यकाल 2015 में समाप्त हो चुका है, इसके बाद पिछले साल निगम चुनाव संपन्न करवाने के लिए वार्डबंदी कराने का फैसला किया था, जिसने पहले तो कई महीने तक काम ही शुरू नहीं किया तथा अब जब शुरू किया तो आधा अधूरा छोड़ दिया। जिस कारण अब दोबारा से वार्ड बंदी करवाई जाएगी। वार्ड बंदी में शहर को 22 वार्ड में विभाजित किया जाएगा। अभी सोनीपत में 31 वार्ड है। वार्डबंदी के बाद ही नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।