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कुत्तागढ़ और कुतियावाली जैसे नामों से आती है शर्म, बदलने भेजा प्रस्ताव

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कुत्तागढ़ और कुतियावाली जैसे नामों से आती है शर्म, बदलने भेजा प्रस्ताव

 

bhaskar news | Jun 07, 2017, 03:57 IST

 
 
 
कुत्तागढ़ और कुतियावाली जैसे नामों से आती है शर्म, बदलने भेजा प्रस्ताव
 
 
 
 
 
हिसार.प्रदेश में कुछ गांवों के बेतुके नाम वहां के ग्रामीणों के लिए शर्म की वजह बने हुए हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव का नाम बदला जाए। सरकार भी इसके लिए तैयार है। दिक्कत यह है कि जिले से यह प्रस्ताव अभी तक सरकार के पास भेजे ही नहीं गए है। इस वजह से गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे कम से कम छह गांव हैं, जिनके नाम सरकार बदलने की तैयारी कर चुकी है।
 
- इसके लिए संबंधित डीसी को राजस्व विभाग की ओर से पत्र भी लिखा जा चुका है।
- हिसार के कुतियावाली का नाम बदल कर शाहजादपुर, इसी जिले के कुत्तागढ़ का नाम बदल कर प्यारा नगर किया जाना है, लेकिन हिसार के डीसी निखिल गजराज का कहना है कि उन्हें नहीं पता ऐसा कोई प्रस्ताव जिला प्रशासन के पास भेजा गया है।
- वहीं, करनाल के गांव झिमरी खेड़ा का नाम बदल कर जौली रखा जाने का प्रस्ताव है। अभी तक नाम बदला जाने की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है।
- डीसी मनदीप बराड़ ने बताया कि पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश देंगे की पंचायत से मिल कर जल्द प्रस्ताव तैयार करें।
 
 
सीएम की घोषणा भी अधर में
सीएम ने घोषणा कोड नंबर 18310 में रोहतक के गढ़ी सांपला का चौधरी सर छोटूराम नगर रखने की घोषणा की थी। इसके लिए रोहतक के डीसी को तीन बार लिखा गया। डीसी ने 16 मार्च को जो प्रस्ताव भिजवाया, वह भारत सरकार गृह मंत्रालय 11 सितंबर, 1953 की हिदायतों के अनुसार सही नहीं था। इसलिए केंद्र ने प्रस्ताव को वापस भेज दिया। रोहतक के डीसी अतुल कुमार ने बताया कि प्रस्ताव दोबारा से बना कर रेवेन्यु विभाग को भेजा है।
 
तेज प्रक्रिया की हिदायत : कैप्टन
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का कहना है कि डीसी पंचायत विभाग के सहयोग से यह पंचायत से प्रस्ताव पास कर रेवेन्यु विभाग को भेजते हैं। यहां से प्रस्ताव सरकार को जाता है। सरकार इस प्रस्ताव को केंद्र के पास भेजती है। वहां से नाम बदला जाने की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव इसी क्रम में वापस आता है। नाम समय पर बदले जाए, इसी को लेकर अधिकारियों को हिदायत दी है कि संबंधित डीसी को बार बार लिखा जाए। जिससे प्रस्ताव जल्दी से जल्दी पहुंचे। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके।