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अल्ट्रासाउंड सुविधा पर 65 लाख खर्च लेकिन लेवल-2 फिर भी नहीं हो रहा

सामान्यअस्पताल में मरीजों को आधुनिक सुविधा देने के लिए खूब खर्चा किया जा रहा है। हाल ही में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखकर अस्पताल में अल्ट्रसाउंड की 65 लाख रुपए में आधुनिक मशीन खरीदी गई है, परंतु इस सुविधा पर इतना खर्च करने के बाद भी मरीजों को वह सुविधा नहीं मिल रही है जो इस मशीन से मिलनी चाहिए। यह सुविधा है लेवल-2 अल्ट्रासाउंड की। 

हरमाह डेढ़ से दो हजार गर्भवती पहुंचती है अस्पताल : सामान्यअस्पताल में हर माह डेढ़ से दो हजार गर्भवती महिलाएं चिकित्सक सलाह इलाज पाने के लिए पहुंची हैं। इनमें से करीब 400 ऐसी होती हैं जिनका लेवल-2 का अल्ट्रासाउंड होना होता है। लेकिन अस्पताल में यह सुविधा उन्हें नहीं मिलती। ऐसे में उन्हें निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जाना पड़ता है। जबकि यहां इस सुविधा के लिए उन्हें 22 से 23 सौ रुपए खर्च करने पड़ते हैं। 

सीएमओ बोले करेंगे पीएमओ से बात : मामलेपर जब सिविल सर्जन डा. जसवंत पुनिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह सब सही नहीं है। सुविधा होते हुए मरीज को इससे वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। वह इस बारे में बुधवार को ही पीएमओ से बात करके लेवल-2 की सुविधा मरीजों को दिलवाएंगे। 

लेवल-2 अल्ट्रासाउंड गर्भवती महिला का 18 से 19 सप्ताह में किया जाता है। इसमें बच्चे की सभी डिटेल पता की जाती है। बच्चे के अंग पूरी तरह से विकसित हुए हैं या नहीं। शरीर का कोई अंग ज्यादा तो नहीं बढ़ा हुआ है, या कोई अंग छोटा तो नहीं। यह आधुनिक चिकित्सा पद्धति की नई खाेज है। इससे पहले डिलीवरी के बाद ही बच्चे के अंगों अन्य कमियों का पता चलता था।