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जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चों का लर्निंग लेवल 80 फीसदी तक करने का लक्ष्य : धर्मेन्द्र

 इस वर्ष के अंत तक जिले के सरकारी स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का लर्निंग लेवल 80 फीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य है। सक्षम भारत का लक्ष्य पूरा करने के लिए शिक्षा अधिकारी अच्छी रणनीति बनाकर काम करें। फिलहाल जिले का लेवल 70 फीसदी है। यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त धर्मेन्द्र सिंह ने आज डीआरडीए में शिक्षा अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। 
श्री सिंह ने कहा कि इसके लिए नवंबर के पहले सप्ताह में सभी स्कूलों के ऐसे बच्चों का पता करें जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं। उनका लर्निंग लेवल का अच्छी तरह से मूल्यांकन करें। इसके बाद इन बच्चों की विशेष कक्षाएं लगाकर इनको सक्षम बनाएं। 
उन्होंने कहा कि वैसे तो पूरे जिले में यह काम एक साथ चलेगा लेकिन पहले चरण में अटेली, महेंद्रगढ़ व नारनौल खंड को शामिल करें। इनमें हर हाल में दिसंबर तक लक्ष्य पूरा हो जाना चाहिए। इस काम में ब्लाक रिसोर्स पर्सन व क्लस्टर रिसोर्स कोर्डिनेटर की विशेष जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जिले में अगर नवंबर माह में जिन स्कूलों में लेवल में बढ़ोतरी नहीं होती है तो उनमें डाइट के विशेषज्ञ कलस्टर स्तर पर उन अध्यापकों का प्रशिक्षण भी कराएंगे।
एडीसी ने कहा कि दिसंबर में एक प्रश्नावली बनाकर स्कूल के मुखिया एक-दूसरे के स्कूलों के बच्चों का लर्निंग लेवल की जांच करेंगे। जब जिले में हम पूरी तरह से संतुष्ट हो जाएंगे तो तीसरी पार्टी से मूल्यांकन करवाएंगे ताकि हर स्तर पर पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाए।