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वाल्मीकि समाज की मांग को हर मंच पर उठाएंगे : डा. अभय सिंह

नारनौल, 9 अक्टूबर। स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने समग्र समाज की रचना के लिए जिन सिद्धांतों की जरूरत होती है वे रामायण में लिखे हैं। सदियों से सभी धर्म व जाति के लोग उनके द्वारा रचे गए ग्रंथ की पूजा कर रहे हैं इस पर हमें गर्व होना चाहिए। उन्होंने संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का ज्ञान दिया।  यादव आज सभागार में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कल्याण विभाग की ओर से आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में जिन बच्चों ने झांकियों में हिस्सा लिया था उनके लिए यादव ने एक लाख रुपए की घोषणा की। कार्यक्रम में नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव भी मौजूद थे। 
 
 यादव ने कहा कि वैसे तो हर नागरिक बाबा साहेब द्वारा बनाए गए संविधान के अनुसार चल रहा है लेकिन सामाजिक रूप से महर्षि बाल्मीकि द्वारा बताए गए रास्तों का भी हम जीवन में अनुसरण कर रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने सभी महापुरुषों की जयंती को मनाने का फैसला लिया है ताकि हमारी पीढ़ी उन महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर सके। वाल्मीकि समाज की लंबे समय से सफाई कर्मचारी आयोग गठित करने की मांग थी जिसे सरकार ने पूरा किया है। इसके अलावा हमारी इच्छा है कि इस समाज को हर जगह उचित प्रतिनिधित्व मिले। 
 
इस मौके पर महर्षि वाल्मीकि जयंती की बधाई देते हुए नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण में केवल एक कहानी नहीं लिखी है बल्कि एक ऐसे ग्रंथ की रचना की है जिसमें सूक्ष्म समाज शास्त्र छिपा हुआ है। दुनिया की किसी ाी पुस्तक को पढऩे पर भी इतना सूक्ष्म दर्शन नहीं मिलेगा। उनके द्वारा लिखे गए विचारों को आज हम हजारों वर्ष बाद ाी पूजते हैं। 
डा. अभय सिंह ने कहा कि इस समाज को काम करते समय जिन उपकरणों की जरूरत होती है उनको उपलब्ध करवाने के लिए वे अपनी तरफ से हर मंच पर उठाएंगे। इस समाज ने ऐसी जि मेदारी ले रखी है जिसके बिना हमारा जीवन असंभव नहीं तो मुश्किल भरा हो जाएगा। हमें इनकी हर तकलीफ को समझना होगा। 
उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। हमें अपने बच्चों को रामायण जरूरी पढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैसे तो हम हर इंसान को भगवान मानने की बात करते हैं लेकिन वास्तव में हम अगर इंसान को इंसान ही मान लें तो धरती की ज्यादातर समस्याओं का हल हो जाएगा।
इस मौके पर भाषण प्रतियोगिता में साक्षी प्रथम, स्नेहा द्वितीय तथा अंजू तीसरे स्थान पर रही। निबंध में प्रथम पायल, दीक्षा द्वितीय तथा प्रिति तीसरे स्थान पर रही। इनमें प्रथम को चार हजार, द्वितीय को तीन हजार तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले को 2 हजार रुपए के पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा दोनों ही विषयों में 11-11 प्रतिभागियों को 1100 रुपए प्रत्येक को प्रोत्साहन राशि के रूप में दी।