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प्यास बुझाने से पहले ही टूट गईं पेयजल टंकियां

नूंह:जिला मुख्यालय स्थित नई अनाज मंडी में किसान व पल्लेदार पेयजल की लिए तरस रहे हैं। मार्केट कमेटी ने मंडी में किसानों व पल्लेदारों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टंकियां जरूर रखवाईं। लेकिन ये टंकियां पानी भरने से पहले ही टूट गईं।

पल्लेदारों ने आरोप लगाया है कि मार्केट कमेटी ने जो पानी की टंकियां रखवाई हैं, उन्हें बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। जिसके कारण ये टंकियां पानी भरने से पहले ही टूट गईं। मंडी में अपनी प्यास बुझाने के लिए उन्हें घर से पानी लाना पड़ रहा है। यही हाल मंडी में आने वाले किसानों का भी है। उन्हें भी पेयजल के लिए दुकानों पर निर्भर रहना पड़ता है। अगर आढ़ती के यहां पानी नहीं मिले तो किसानों को मंडी से बाहर बनी दुकानों से मोल पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है।

अनाज मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है। ऐसे में अब यहां किसानों की संख्या भी बढ़ने लगी है। ऐसे में पल्लेदारी का काम भी बढ़ गया है। लेकिन मार्केट कमेटी अभी तक अनाज मंडी में पेयजल के स्थाई इंतजाम नहीं करा पाई है।

 कई किसानों ने बताया कि नई अनाजमंडी में पेयजल की कोई नई समस्या नहीं है। हम पिछले कई सालों से मंडी में पेयजल की समस्या का सामना कर रहे हैं। कमेटी द्वारा हर बार पेयजल के लिए अस्थाई इंतजाम जरूर कराए जाते हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं रहते।