News Description
अत्याचार के खिलाफ एससी आयोग के चेयरमैन से मिले दलित

हांसी के गांव भाटला में अनुसूचित जाति के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर एससी आयोग के चेयरमैन डॉ. रामशंकर कठेरिया से मिलकर पीड़ित व्यक्तियों को जातीय उत्पीड़न के बारे में अवगत कराया। लोगों ने सामाजिक बहिष्कार मामले के बारे में उन्हें बताते हुए कहा कि दलितों को गांव की दुकानों से रोजमर्रा का सामान नहीं दिया जा रहा है।

अगर कोई सामान देता है तो उसके ऊपर 1100 रुपये का जुर्माना लगा दिया जाता है। दूध की दुकानों से दूध खरीदने पर बैन व बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। क्योंकि उनको दबंग लोगों की गलियों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। पानी की सप्लाई पर बैन, खेतों में कार्य करने पर बैन, दूसरे गांव के वाहन जो अनुसूचित जाति के लोगों को दूसरे गांव में काम पर ले जाने आते हैं, उनको भाटला गांव की सीमा पार नहीं करने पर बैन लगाया गया है। उन्होंने इस प्रकार के प्रकरण से छुटकारा दिलवाने की आयोग से मांग की है। हांसी के एसपी का तबादला और और डीएसपी नरेंद्र कादियान को सस्पेंड करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि इन अधिकारियों पर कार्रवाई किए बिना गांव भाटला में शांति होना नामुमकिन है।

आयोग के चेयरमैन कठेरिया से आग्रह किया गया कि गांव भाटला में एससी आयोग की टीम का दौरा करवाया जाए ताकि हालातों का जायजा लेते हुए लोगों को जातीय उत्पीड़न व सामाजिक बहिष्कार से छुटकारा मिल सके। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करवाए जाएं।

उन्होंने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही कराने की मांग की है। इस घटनाक्रम को सुनने के बाद आयोग के चेयरमैन डा. कठेरिया ने डीसी हिसार से भाटला गांव की रिपोर्ट देने के आदेश मौके पर ही जारी कर दिए।