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उचाना में दीपेंद्र हुड्डा के दौरों ने कांग्रेस में फूंकी जान

बांगर के गढ़ उचाना हलके में मृत शैय्या पर नजर आ रही कांग्रेस में अब जान नजर आने लगी है। हलके में जूनियर हुड्डा ने दो जगह अलग-अलग प्रोग्रामों में उमड़ी भीड़ ने कांग्रेस को संजीवनी देने का काम किया है।

पूर्व सीएम भूपेंद्र ¨सह हुड्डा के भी कुछ दिन पहले अपने नैनिहाल डूमरखा कलां रुकने से साफ हो गया कि सीनियर, जूनियर हुड्डा इस बार उचाना पर खुद नजर रखेंगे। अब तक हुई दो बैठकों में सांसद दीपेंद्र ¨सह हुड्डा हलके से अपना खून का रिश्ता बताने के साथ-साथ हलके को अपने किलोई हलके की तरह मानते हुए यहां निरंतर आने की बात कह चुके हैं। दीपेंद्र ने ने कहा कि उनका दादा सांघी से है तो दादी डूमरखां कलां से, ऐसे में उनका हलके से खून का रिश्ता है।

उचाना हलके में जीरो पर गई कांग्रेस में जान आने के बाद यहां पर भाजपा को भविष्य में होने वाले चुनाव में वोटों का नुकसान हो सकता है। माना जा रहा है कि सरकार में काम नहीं होने से नाराज केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र ¨सह के कई नजदीकी साथी सीनियर, जूनियर हुड्डा के टच में हैं। ये लोग भाजपा में रहेंगे या नहीं, ये तो आने वाला समय बताएगा लेकिन हालात इस समय भाजपा को हलके में अंदरूनी रूप से नुकसान की है।

हलके में जूनियर हुड्डा के सक्रिय होने से हलके में कांग्रेस के प्रति जो लोगों का मानना था कि कांग्रेस का यहां पर जनाधार कम है, वो गलत साबित होने लगा है। यहां पर लोग कांग्रेस के बैठकों में आने लगे हैं, जिससे साफ है कि हलके में कांग्रेस पहले से बेहतर होने लगी है। बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को यहां दो हजार से भी कम मत मिले थे।

ऐसे में यहां पर कांग्रेस को आने वाले चुनाव में मजबूत करना आसान काम नहीं है। जूनियर हुड्डा द्वारा हलके में सक्रियता से कांग्रेस में जरूर जान फूंक दी है।