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नीप्रीत पर ट्रायल में कमजोर न पड़ जाए पुलिस की थ्योरी

पंचकूला, । डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को लेकर पंचकूला पुलिस द्वारा पेश की गई थ्योरी ट्रायल के दौरान पुलिस के गले की फांस बन सकती है। पुलिस द्वारा हनीप्रीत का रिमांड लेने के लिए दो तरह की थ्योरी कोर्ट में पेश कर दी गई। यह बाद में पुलिस के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। हालांकि पुलिस इस बात के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है कि महिला आरोपी का छह दिन का रिमांड मिलना बहुत बड़ी बात है।

पुलिस हनीप्रीत को 25 अगस्त को राम रहीम को दोषी करार दिए जाने  के बाद दंगे भड़काने की साजिश में शामिल बता रही थी। पुलिस ने एफआइआर में लिखा था कि एक पत्रकार ने हनीप्रीत को दंगे भड़काने की बात कहते हुए सुना था। साथ ही रिमांड के दौरान भी कई आरोपियों ने हनीप्रीत का नाम लिया है।

एडवोकेट एसके गर्ग नवराना के अनुसार, हनीप्रीत के खिलाफ 25 अगस्त को दंगे भड़काने का जो केस दर्ज किया गया है, उसमें एक पत्रकार को मुख्य गवाह बनाया गया है। पुलिस की थ्योरी के अनुसार इस पत्रकार ने हनीप्रीत को डेरा प्रमुख को दोषी करार देने के बाद यह कहते हुए सुना है कि पंचकूला में आगजनी कर दी जाए।