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मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर : मनीष गर्ग

मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान का असर पूरी तरह से देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष जहां पुन्हाना खंड में मलेरिया के 1700 मामले सामने आए थे वहीं इस वर्ष यह घटकर मात्र 615 रह गए। जिनका विभाग द्वारा इलाज किया जा रहा है।

इसके साथ ही अब तक किसी भी व्यक्ति की मलेरिया से मौत नहीं हुई है। विभाग की टीम मलेरिया प्रभावित गांवों में जाकर लोगों के खून की जांच करने के साथ ही उन्हें गांव में ही दवा देने के साथ ही उन्हें इसके लक्षण व बचाव की जानकारी देकर जागरूक कर रही है। पुन्हाना के एसएमओ डॉ. मनीष गर्ग ने मलेरिया की जानकारी देते हुए बताया कि मलेरिया के मच्छर के काटने के बाद अचानक तीव्र बुखार के साथ शरीर टूटने लगता है। सिर के अगले भाग में व आंखों के पिछले भाग सहित मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होने लगता है। उन्होंने मलेरिया के उपाय के बारे में बताते हुए कहा कि बुखार होने पर तुरंत इसकी जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो पूरे 14 दिन तक गोली खाएं। उन्होंने बताया कि मलेरिया होने पर निम-हकीमों के चक्कर में न पड़ें।

उन्होंने लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि सप्ताह में एक बार कूलर आदि को साफ कर, ठहरे पानी में काले तेल व सरसों के बूंद का छिड़काव, पूरे बाजू के कपड़े व खुले में सोने पर क्रीम लगाकर मलेरिया से बचा जा सकता है। सरकार द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच से लेकर दवा तक मुफ्त में दी जा रही है।