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स्वच्छता मामले को लेकर कुछ वकील लोगों को गुमराह कर रहे हैं : मनीराम शर्मा

स्वच्छता अभियान के दौरान सोशल मीडिया पर लोगों के फोटो वायरल करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में नूंह के उपायुक्त रहे मनीराम शर्मा ने दैनिक जागरण से बातचीत करते हुए कहा है कि उन्हें हाई कोर्ट से किसी प्रकार का न तो कोई नोटिस दिया गया है और न ही किसी तरह की फटकार लगाई गई है। कुछ लोग और वकील इस बात का गलत प्रचार कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट ने सरकारी वकील से उपायुक्त के कामकाज का ब्योरा मांगा है। ब्योरे के साथ-साथ उन्होंने भी वकील के माध्यम से अपना एक हलफनामा दिया है। जिसे मामले की फाइल में लगाया गया है। लेकिन कुछ लोग प्रचार कर रहे हैं कि उनके हलफनामे को नामंजूर किया गया है। यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने नूंह में रहते हुए अपना बेहतर तरीके से किया। इस दौरान जिन लोगों ने कुछ गलत किया व नियमों के साथ खिलवाड़ किया, उन पर उन्होंने बतौर उपायुक्त कार्रवाई की है। ऐसे लोग अब इकट्ठा होकर कभी हाई कोर्ट तो कभी मानव अधिकार आयोग में ऐसे मामलों को ले जाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस मामले की भी ऐसी ही एक-दो लोग अगुवाई कर रहे हैं। लेकिन वो निष्पक्ष रूप से अपना कार्य भविष्य में भी करते रहेंगे। ऐसे मसलों से वो विचलित होने वाले नहीं हैं। बता दें, कि विगत जून में उपायुक्त ने नूंह जिले के सालाहेड़ी, सलंबा, फिरोजपुर नमक, कुर्थला, आलदोका गांव के किसानों, मजदूरों और सामान्य दैनिक दिनचर्या के लिए जाने वाले लोगों को खुले में शौचमुक्त के नाम पर पकड़ा था।