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सेटेलाईट से होगी फसल के अवशेष जलाने की निगरानी

पलवल : हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि किसी भी कीमत पर प्रदेश में वायु व जल प्रदूषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा सेटेलाईट के माध्यम से निगरानी की जाएगी। यदि ग्रामीण क्षेत्र में धान के अवशेष जलाए गए तो, इसके जिम्मेदार ग्राम सचिव, पटवारी व कृषि विभाग के अधिकारी होंगे। हरियाणा सरकार इस बार सरपंचों को भी धान के अवशेषों को जलाने से रोकने की पूरी जिम्मेदारी देगा। इन की निगरानी के लिए जिला उपायुक्तों को भी विशेष निगरानी रखने की जरूरत है।

मुख्य सचिव ढेसी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के उपायुक्तों व सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ धान के अवशेषों को जलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने, पर्यावरण प्रदूषण कंट्रोल एक्ट को अपने-अपने जिलों में लागू करने व शहरी क्षेत्र में जल प्रदूषण को रोकने के लिए समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अक्तूबर माह में विशेष रूप से सजग रहने की जरूरत है, इस महीने में दीवाली व धान का सीजन आता है, लोग पर्यावरण की परवाह किए बिना ही प्रदूषण करते हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, शिक्षण संस्थानों में प्रदूषण को रोकने के लिए विशेष कार्यशाला लगानी होगी, शहरों में सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। इस मौके पर जिला उपायुक्त मनीराम शर्मा व संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।