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जिले में बढ़ रही बेटियां, प्रति हजार लड़कों पर 903 का आंकड़ा पार

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती का असर दिखने लगा है। अब जिले में बेटियों की संख्या प्रति हजार लड़कों पर 903 का आंकड़ा पार कर चुकी हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक आंकड़े में और बढ़ोतरी होगी।

डीसी अमित खत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में बताया कि जुलाई तक जिले का ¨लगानुपात 903 हो चुका है। पिछले साल दिसंबर तक यह आंकड़ा 900 था। डीसी ने कहा कि भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है। पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।

इन टीमों द्वारा जींद से बाहर जाकर प्रदेश के दूसरे जिलों में भी छापेमारी की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में ट्रै¨कग सिस्टम शुरू किया जा चुका है। इस सिस्टम के माध्यम से हर गर्भवती महिला पर नजर रखी जा रही है। वीडियो कांफ्रेंस में एसएसपी डॉ. अरुण ¨सह, एडीसी धीरेंद्र खडगटा, नगराधीश मुनीष फौगाट, नरवाना की एसडीएम डॉ. किरण ¨सह, सफीदों के एसडीएम वीरेन्द्र सांगवान, मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी शुभी केसरवानी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय दहिया समेत कई विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।