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एससी आयोग की समीक्षा बैठक में बगैर तैयारी पहुंचे हरियाणा जोन के अधिकारी, सबको लगी फटकार

राष्ट्रीयअनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन डा. राम शंकर कठेरिया द्वारा मंगलवार को सेक्टर-12 में बुलाई गई दक्षिण हरियाणा जोन के अधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक ली। इसमें अफसरों की खूब किरकिरी हुई। असंतुष्ट जवाब पर कइयों को जबरदस्त लताड़ भी लगाई। फरीदाबाद के सिवाय किसी भी जिले के प्रशासनिक अधिकारी चेयरमैन को वह जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए जो उन्होंने मांगी थी। बैठक में शामिल गुड़गांव मंडलायुक्त डी. सुरेश को दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए अनुसूचित जाति के कल्याण से संबंधित मांगी गई सभी जानकारी एकत्र कर आयोग को भेजने का आदेश दिया। चेयरमैन ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, मनरेगा, दलित उत्पीड़न की घटनाएं और उनका निपटारा, आवासीय भूमि आवंटन और जनधन योजना को लेकर अधिकारियों से विस्तृत बातचीत करते हुए समीक्षा की। इसमें आयोग के वाइस चेयरमैन एल. मुरुगन भी शामिल रहे। 

चेयरमैन डा. कठेरिया ने सबसे पहले गुड़गांव के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह से अनुसूचित जाित के कल्याण से संबंधित योजनाआें के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी मांगी। सूत्रों का कहना है कि उपायुक्त ने चेयरमैन को सही जवाब नहीं पाए। बीच में मंडलायुक्त डी. सुरेश ने हस्तक्षेप किया और चेयरमैन को जल्द सूचनाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। सूत्रों का यहां तक कहना है कि यही हाल पलवल, मेवात, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के अफसरों का भी रहा। चेयरमैन ने मंडलायुक्त से कहा कि वह सभी जिलों की रिपोर्ट तैयार कर 10 दिन में आयोग को भिजवाएं। उन्होंने पुिलस प्रशासनिक अफसरों से कहा कि वह दलित उत्पीड़न से सम्बन्धित मामलों में दोषी व्यक्तियों को सजा दिलवाने में तथा पीड़ितों को आर्थिक सहायता न्याय दिलवाने में तेजी लाएं। 

कईअफसरों को नहीं एससी/एसटी एक्ट की जानकारी 

बैठकमें सामने आया कि कई अधिकािरयों को एससी-एसटी एक्ट की प्राॅपर जानकारी नहीं थी। इस बात पर चेयरमैन ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को हिदायत दी कि वे संवेदनशील होकर दलित कल्याण के लिए काम करें। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में अधिकांश अधिकारी चेयरमैन के सवाल पर बगलें झांकते नजर आए