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अभिवावकों ने दिया अल्टीमेटम, स्कूल में नहीं आए शिक्षक तो लगा देंगे ताला

धनौरा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्यापकों की भारी कमी के चलते मंगलवार सुबह अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी में भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रही। स्कूली स्टाफ द्वारा अभिभावकों को सांत्वना देने के बाद अभिभावक अपने अपने घर लौटे। परंतु उन्होंने शिक्षा विभाग को चेताते हुए कहा कि यदि समस्या का निवारण जल्द नहीं किया गया तो वो स्कूल पर ताला जड़ देंगे।

पंच रीटा रानी, एसएमसी सदस्य परमजीत, पंच सुमन, ममता, गुरमेलों, गीता रानी, कुलविंद्र रानी, मीनाक्षी रानी, सोमा, कांता, राजकुमार, लज्जा राम, राजा राम, पंच रामेश्वर व राजबीर ने बताया कि धनौरा स्कूल में अध्यापकों की भारी कमी है। स्कूल में 19 पदों में से केवल 7 पदों पर ही अध्यापक है बाकि 12 पद कई महीनों से खाली पड़े है। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई को काफी नुकसान हो रहा है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर एक सांकेतिक प्रदर्शन किया व विभाग को जल्द समस्या निवारण की मांग की। अभिभावकों ने चेताया कि यदि समस्या का हल जल्द नहीं हुआ तो स्कूल पर ताला जड़ देंगे, जिसका जिम्मेवार शिक्षा विभाग ही होगा।

स्कूल से मुख्य विषयों के अध्यापक नहीं

स्कूल में अंग्रेजी व हिसाब जैसे मुख्य विषयों के अध्यापक ही नहीं है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने वाले असर का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सात अध्यापकों में भी तीन गेस्ट टीचर है जोकि किसी तरीके से कक्षाओं का समायोजन कर बच्चों की पढ़ाई के प्रभावित न होने से बचाने में लगे है। बता दें कि इस साल धनौरा स्कूल का रिजल्ट लगभग 80 प्रतिशत रहा है जोकि काबिले तारीफ है। लेकिन उसके बाद अध्यापकों के स्थानांतरण के चलते स्टाफ की भारी कमी है जिससे बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है