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कॉटन में आया मोरपंजा तो किसान कर रहे फिटकरी के घोल का छिड़काव

कपासकी फसल में इन दिनों मौसम की उठापटक के चलते मोरपंजे की बीमारी का प्रकोप है। इसके कारण फसल में फूल लगना बंद हो गया है। किसान इसकी रोकथाम के लिए किसी कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर देशी तरीके से इसके उपचार में लगे हुए हैंं। किसानों द्वारा फिटकरी का घोल बनाकर फसल में स्प्रे किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि इससे उनका स्प्रे पर खर्च भी कम रहा है और फसल में मोरपंजे की बीमारी की भी रोकथाम हो रही है। बता दें कि प्रदेश में इस बार 12 जिलों में 6.56 लाख हैक्टेयर में नरमा की किसानों द्वारा बिजाई की हुई है। मोरखी गांव के खेतों में कॉटन की फसल पर फिटकरी का छिड़काव करते किसान। फोटो-विजेंद्र मराठा